
Pakistan airspace ban on Indian flights: इस्लामाबाद से आई ताजा खबर ने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के हवाई संबंधों को सुर्खियों में ला दिया है। पाकिस्तान ने भारतीय पंजीकृत विमानों और भारतीय एयरलाइनों के स्वामित्व या संचालन वाले जहाजों पर अपना हवाई क्षेत्र एक महीने और बंद रखने का फैसला किया है। यह रोक 24 नवंबर तक लागू रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने शनिवार को इस विस्तार की घोषणा की। दोनों देशों के बीच पिछले साल से चले आ रहे तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट पहले से ज्यादा लंबे होने की आशंका बढ़ गई है।
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने X पर पोस्ट कर बताया कि यह पाबंदी न सिर्फ नागरिक विमानों बल्कि सैन्य उड़ानों पर भी लागू रहेगी। अथॉरिटी के अनुसार, नया आधिकारिक विमानन नोटिस जारी कर रोक को बढ़ाया गया है। जीओ न्यूज ने भी इसकी पुष्टि की है। यह प्रतिबंध मूल रूप से 23 अप्रैल 2025 को लगाया गया था और तब से समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।
दोनों देशों के बीच आपसी हवाई पाबंदियां अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुई थीं। भारत ने पाकिस्तान पर हमले में संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिसे इस्लामाबाद ने खारिज कर दिया। इसके जवाब में भारत ने 30 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र कराची और लाहौर फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में बंटा है और नई रोक दोनों क्षेत्रों पर लागू है।
ऐतिहासिक रूप से देखें तो दोनों देश पहले भी तनाव के समय ऐसे कदम उठा चुके हैं। 1999 के कारगिल संघर्ष और 2019 के पुलवामा संकट के दौरान भी पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना आसमान बंद किया था। मौजूदा पाबंदी से एयरलाइनों को वैकल्पिक और लंबे रूट अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की लागत बढ़ती है और उड़ान का समय भी ज्यादा लगता है। यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका बोझ सहना पड़ता है।
पाकिस्तान का यह ताजा फैसला 24 नवंबर 2026 सुबह 4:59 बजे स्थानीय समय तक प्रभावी रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक द्विपक्षीय संबंधों में सुधार नहीं आता, ऐसे प्रतिबंध जारी रह सकते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आम लोगों के आवागमन पर भी इसका असर पड़ता है। हवाई संपर्क सामान्य होने से न सिर्फ समय और पैसे की बचत होती बल्कि तनाव कम करने में भी मदद मिलती। फिलहाल दोनों तरफ से कोई नरमी का संकेत नहीं दिख रहा।