
Indus Water Dispute: सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ की ओर से दी गई युद्ध की धमकी पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने इन बयानों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने PoK में हालात को लेकर भी पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं और वहां जारी दमनकारी नीतियों का जिक्र किया है।
सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इन रिपोर्टों को देखा है और पाकिस्तान की ओर से दिए गए ये बयान अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत इन सभी मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह खारिज करता है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जो हालात सामने आ रहे हैं, वे वहां की दशकों पुरानी नीतियों जैसे आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचना और प्रशासनिक दमन का नतीजा हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह की बातें पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं। हम इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह से खारिज करते हैं और इन्हें उस तिरस्कार के साथ ठुकराते हैं जिसके ये हकदार हैं।
PoK की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की ओर से जरूरी आपूर्ति और दवाओं पर रोक, इंटरनेट बंदी और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग जैसी घटनाएं हुई हैं, जिससे कई लोगों की जान गई है। भारत ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कार्यों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने की खबर सामने आई थी। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे निजी पासपोर्ट पर SAARC वीजा के तहत भारत आए थे और एयरपोर्ट पर उनसे सामान्य पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दे दी गई, लेकिन उन्होंने अपनी इच्छा से वापस ढाका लौटने का फैसला किया।