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पंचकूला में 6 साल की बच्ची पर हमले के मामले में स्कूल प्रिंसिपल निलंबित, चोकीदार पर हुई FIR

Panchkula School Attack: पंचकूला की एक प्राइवेट स्कूल में 6 साल की बच्ची पर हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल प्रिंसिपल नीलू कत्याल को निलंबित कर दिया गया है।
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Updated: 1 Nov 2026, 8:55 PM IST
Panchkula school attack
प्रतीकात्मक तस्वीर-AI

Panchkula Student Assault News: पंचकूला की एक प्राइवेट स्कूल में 6 साल की बच्ची से मारपीट के मामले में अब शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार शाम स्कूल की प्रिंसिपल नीलू कत्याल को निलंबित कर दिया।

वहीं,इससे पहले दो जेबीटी पूजा रानी और सिमरनजीत कौर को भी निलंबित किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है।

कमरे में ले जाकर बच्ची पर किया था हमला

मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 28 अक्टूबर को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच तीसरी कक्षा का आठ साल का छात्र छह साल की बच्ची को स्कूल की पहली मंजिल पर बने कमरे में ले गया। वहां उसने बच्ची का सिर बेंच पर पटका और ईंट व लातों से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए। इसके बाद बच्ची घायल हालत में करीब दो घंटे तक कमरे में बंद रही। स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी, लेकिन बच्ची नहीं मिलने पर भी किसी कर्मचारी ने कमरे में जाकर उसे तलाशने की कोशिश नहीं की।

हर कक्षा में कैमरे, फिर भी किसी को नहीं लगी भनक

बच्ची के चाचा ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि स्कूल की हर कक्षा और गैलरी में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। प्रिंसिपल के कमरे में भी इनकी फुटेज देखी जा सकती है। इसके बावजूद घटना का समय पर पता नहीं चला सका। इस पर पुलिस ने प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है। पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।

छात्र को लेकर पहले भी मिली थीं शिकायतें

जानकारी के मुताबिक हमलावर छात्र के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें हुई थीं। शिक्षकों ने उसे और उसके परिजनों को चेतावनी भी दी थी। पूछताछ में पता चला है कि घटना वाले दिन बच्ची ने छात्र को पागल कहा और शिकायत करने की बात कही थी। इसके बाद छात्र ने बच्ची को ऊपर के कमरे में ले जाकर उस पर हमला किया। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद छात्र को अंबाला ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है।

स्कूल स्टाफ पर अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल के बाहर विरोध किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल का स्टाफ ऑनलाइन शॉपिंग और पिज्जा मंगवाने में व्यस्त रहता है। घटना वाले दिन महिला शिक्षकों के मेहंदी लगवाने में व्यस्त होने का भी दावा किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता और घटना वाले दिन प्रिंसिपल भी स्कूल में मौजूद नहीं थीं।

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1 Nov 2026, 8:55 PM IST
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