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छपरा में बाढ़ से बदहाली पर फूटा पप्पू यादव का गुस्सा, बोले- जिस इलाके ने 5 मुख्यमंत्री दिए, वो आज भूखा मर रहा

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सारण में बाढ़ की स्थिति को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई प्रभावित इलाकों में राहत और बुनियादी सुविधाओं की कमी है और लोग भोजन, पीने के पानी और बिजली की कमी के साथ-साथ पॉलीथीन शीट न होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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Oct 04, 2026
bihar flood pappu yadav
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पप्पू यादव (फोटो- pappu yadav FB)

Pappu Yadav On Flood: बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और कई जगहों पर तटबंधों को नुकसान पहुंचने के कारण सारण और कई अन्य जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राज्य सरकार और जन प्रतिनिधियों पर हमला बोला है। पप्पू यादव ने कहा कि इस इलाके में हालात 2017 और 2020 की आपदाओं से कहीं ज्यादा खराब हैं। उन्होंने इसे सिर्फ आम बाढ़ नहीं, बल्कि 'महाप्रलय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन ने देश को पहला राष्ट्रपति और बिहार को पांच मुख्यमंत्री दिए, आज वहां के लोग पांच दिनों से भूखे हैं और तटबंधों पर बेसहारा पड़े हैं।

चुनाव में अगड़ा-पिछड़ा, बाढ़ में जनता को लावारिस छोड़ा - पप्पू यादव

सांसद पप्पू यादव ने पूछा कि क्या सरकार को यह भी पता है कि छपरा राजधानी पटना के ठीक बगल में है? इस धरती ने महामाया बाबू, रामसुंदर दास, अब्दुल गफूर, दरोगा बाबू, राबड़ी देवी और लालू यादव जैसे पांच-पांच मुख्यमंत्री दिए। देश को डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसा राष्ट्रपति दिया। फिर भी जब चुनाव आता है तो गोपालगंज, छपरा, बैकुंठपुर, नौतन, बगहा और बेतिया जैसे इलाकों में यादव, राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार और सवर्ण बनाम पिछड़ा की राजनीति हावी हो जाती है। नेता जनता को धमकाते हैं और खुद को भगवान समझने लगते हैं। लेकिन आज जब दो-दो करोड़ के घर पानी में समा गए हैं, तो वही नेता और जनप्रतिनिधि गायब हैं।

लोग सांपों के बगल में सोने को मजबूर - पप्पू यादव

पप्पू यादव ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से छपरा में तटबंधों पर मौजूद हैं। वहां न तो जनरेटर, न पॉलीथीन शीट, न कम्युनिटी किचन, न दवाइयां और न ही पीने का पानी उपलब्ध है। यादव ने कहा कि उन्हें खुद 100 हैंडपंप लगवाने और टेंट व शौचालय उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने तटबंध के किनारे 50 से ज्यादा जनरेटर लगवाए हैं।

पप्पू यादव ने कहा कि रात में लोग जहरीले सांपों के बगल में सोने को मजबूर हैं। सोनपुर से लेकर मकेर, परसा, दरियापुर, अमनौर और तरैया तक पूरे इलाके में हाहाकार मचा है, फिर भी पटना और दिल्ली में बैठे लोगों को इस बात की खबर नहीं है कि छपरा पानी में डूबा हुआ है।

पप्पू यादव ने पूछा- बिहार से नफरत क्यों

आपदा प्रबंधन के प्रति राष्ट्रीय रवैये पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जब असम में बाढ़ आती है, तो हर कोई मदद के लिए आगे आता है। जब पंजाब या गुजरात में संकट आता है, तो सरकार और समाज दोनों ही राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक देते हैं। फिर बिहारियों के साथ ऐसा भेदभावपूर्ण व्यवहार क्यों?

पप्पू यादव ने कहा कि बाहरी लोगों का बिहार के प्रति नफरत रखना तो एक बात है, लेकिन यहां से चुने गए सांसद और विधायक भी अब अपने ही गरीब लोगों से नफरत करने लगे हैं। तटबंध टूटने से लाखों लोग बेघर हो गए हैं। पटना से सिर्फ 10 किलोमीटर या 25 मिनट की दूरी पर स्थित यह पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ है, फिर भी सरकार का कोई प्रतिनिधि इन गांवों का दौरा करने या वहां रुकने को तैयार नहीं है।

कंस्ट्रक्शन कंपनी पर भड़के पप्पू यादव

पप्पू यादव ने तटबंध के ढहने को इंसानों की वजह से हुई आपदा बताते हुए, इसमें शामिल निर्माण कंपनियों की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीराम कंस्ट्रक्शन और शीतला जैसी कंपनियों को बार-बार ठेके देकर बिहार को बर्बाद किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के संरक्षण में अफसरशाही चल रही है। जनता बाढ़ में मर रही है और नेता 100-100 करोड़ के धनपशुओं के साथ गाड़ियों के काफिले और एमएलसी चुनाव की जोड़-तोड़ में व्यस्त हैं।

Updated on:
04 Oct 2026 09:32 am
Published on:
04 Oct 2026 09:32 am