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Parliament Winter Session: वेल में कूदे विपक्षी सांसद, लगाए ‘वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे’, संचार साथी पर बैकफुट पर सरकार!

Parliament Winter Session: संचार साथी और SIR के मुद्दे पर सदन में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। आज सत्र के दूसरे दिन कुछ सांसदों ने वेल में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।
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Dec 02, 2025
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Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस (Congress) सहित विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सांसद वेल तक पहुंच गए। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाए। विपक्षी सांसदों के नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी है। उधर, उच्च सदन में भी SIR को लेकर नारेबाजी हुई और संचार साथी ऐप का भी मुद्दा उठा। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने सुबह 10.30 बजे संसद परिसर में मकर द्वार के सामने लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। उन्होंने SIR को तुरंत रोकने और उस पर चर्चा की मांग की। वहीं, सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया।

संचार साथी ऐप पर बैकफुट पर आई सरकार

संचार साथी ऐप मामले में विपक्ष ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इसके बाद सरकार बैकफुट पर आ गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐप अनिवार्य नहीं है। ऐप को डिलीट करना चाहे तो कर सकते हैं।

क्या है निर्देश?

मोदी सरकार द्वारा संचारी साथ ऐप को लेकर जारी निर्देश में बताया गया कि केंद्र सरकार को टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी को खतरे में डालने वाले कामों की पहचान करने और रिपोर्ट करने के लिए जरूरी डिजिटल या दूसरे तरीके बनाने का अधिकार है, इसलिए दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप शुरू किया है, जो स्टेकहोल्डर्स को आईएमईआई से जुड़े संदिग्ध गलत इस्तेमाल की रिपोर्ट करने और मोबाइल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले आईएमईआई की असलियत वेरिफाई करने में मदद करता है।

मोबाइल में पहले से इंस्टॉल करने के आदेश

मोदी सरकार ने अपने निर्देश में कहा कि डुप्लीकेट या नकली IMEI वाले मोबाइल हैंडसेट टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, इसलिए केंद्र सरकार भारत में इस्तेमाल के लिए बनाए गए या इम्पोर्ट किए गए मोबाइल हैंडसेट के हर निर्माता और इम्पोर्टर को यह निर्देश देती है कि 90 दिनों के भीतर यह पक्का करें कि संचार साथी मोबाइल एप्लीकेशन, भारत में इस्तेमाल के लिए बनाए गए या इम्पोर्ट किए गए सभी मोबाइल हैंडसेट पर पहले से इंस्टॉल हो।

SIR के मुद्दे पर पहले दिन भी हुआ था हंगामा

सत्र के पहले दिन (1 दिसंबर) दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया था कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष से अपील कि वह इस पर कोई समय सीमा न थोपें।

सूत्रों के मुताबिक विपक्ष ने तर्क रखा है कि चर्चा में एसआईआर शब्द की जगह सरकार चाहे तो इलेक्टोरल रिफॉर्म या किसी अन्य नाम का उपयोग करते हुए विषय को कार्यवाही में सूचीबद्ध कर ले। सरकार इस तर्क पर राजी हो सकती है। वह इस पर अपना रुख बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रखेगी।

SIR पर बीजेपी सांसद ने विपक्ष पर बोला हमला

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की, उन पर भ्रम फैलाने और राजनीतिक फायदे के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। लोकसभा में त्रिपाठी ने कहा कि ये नारे देश के खिलाफ हैं क्योंकि हर कोई जानता है कि बिहार के लोगों ने SIR के मुद्दे पर बहुत साफ फैसला दिया है।

Updated on:
02 Dec 2025 02:09 pm
Published on:
02 Dec 2025 12:50 pm