
Patna Encounter: पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर में शुक्रवार तड़के गंगा किनारे पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक संयुक्त टीम ने 20 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में तीन कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। मारे गए अपराधियों में मास्टरमाइंड जेपी यादव, कुख्यात शूटर बबलू कुमार और सूरज उर्फ राजा शर्मा शामिल हैं। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल 42 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें से एक गोली मनेर थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार के हाथ को छूती हुई निकल गई।
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस और STF की एक संयुक्त टीम इलाके में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले कुछ लोग मनेर के शेरपुर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम गंगा किनारे पहुंची।
SSP ने बताया कि जैसे ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, अपराधियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान एक गोली मनेर के SHO रजनीश कुमार के बाएं हाथ में लगी, जिससे उनकी वर्दी फट गई। इसके जवाब में SHO रजनीश कुमार और उनकी टीम ने भी जवाबी फायरिंग की।
पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ लगभग 20 मिनट तक चली, जिसमें अपराधियों ने 24 राउंड से ज्यादा और पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलाईं। फायरिंग रुकने के बाद पुलिस टीम आगे बढ़ी और वहां तीन लोगों को घायल अवस्था में पाया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए।
पटना के SSP कार्तिकेय के. शर्मा के अनुसार, मारे गए ये तीनों अपराधी पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर थे। इनका नेटवर्क सिर्फ मनेर तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इनका प्रभाव आसपास के जिलों और दियारा तक फैला हुआ था। SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इन तीनों व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।
यह एनकाउंटर उस घटना से जुड़ा है, जो 19 अक्टूबर को नवरात्रि की महाअष्टमी के दिन हुई थी। मनेर के ब्यापुर गांव में पैक्स के अध्यक्ष संजीत कुमार अपने घर के बरामदे में प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू कुमार के साथ बैठे थे। तभी, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और उन पर लगभग एक दर्जन गोलियां चलाईं।
संजीत कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि पिंटू कुमार जांघ में गोली लगने से घायल हुए थे। पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिश के कारण हुई इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के बाद संदिग्ध जेपी यादव, बबलू और सूरज फरार हो गए थे। सटीक खुफिया जानकारी मिलने पर, पुलिस ने धनतेरस के मौके पर तीनों को घेर लिया और उन्हें मार गिराया।
एनकाउंटर के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजन और समर्थक अस्पताल परिसर में जमा हो गए हैं। परिजनों ने पुलिसकर्मियों से बहस की और शवों को दिखाने तथा उन्हें सौंपने की मांग की, जिसके चलते वहां धक्का-मुक्की भी हुई।
बढ़ते तनाव को देखते हुए दानापुर और मनेर समेत चार थानों की पुलिस और 100 से अधिक अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है, जिससे अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा का दो-स्तरीय घेरा बन गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।