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पटना में गंगा किनारे 20 मिनट में चलीं 42 राउंड गोलियां, जानिए कितने शातिर थे मारे गए जेपी यादव, बबलू और सूरज

मनेर में गंगा नदी के किनारे पटना पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में तीन लोग मारे गए। पुलिस के अनुसार, ये तीनों एक PACS के अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या के मामले में वांछित थे। जानिए कि इस मुठभेड़ में मारे गए जेपी यादव, बबलू और सूरज कौन थे।
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Updated: 6 Nov 2026, 11:49 AM IST
patna encounter
पटना में एनकाउंटर

Patna Encounter: पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर में शुक्रवार तड़के गंगा किनारे पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक संयुक्त टीम ने 20 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में तीन कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। मारे गए अपराधियों में मास्टरमाइंड जेपी यादव, कुख्यात शूटर बबलू कुमार और सूरज उर्फ राजा शर्मा शामिल हैं। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल 42 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें से एक गोली मनेर थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार के हाथ को छूती हुई निकल गई।

गंगा किनारे 20 मिनट में चलीं 42 राउंड गोलियां

पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस और STF की एक संयुक्त टीम इलाके में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले कुछ लोग मनेर के शेरपुर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम गंगा किनारे पहुंची।

SSP ने बताया कि जैसे ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, अपराधियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान एक गोली मनेर के SHO रजनीश कुमार के बाएं हाथ में लगी, जिससे उनकी वर्दी फट गई। इसके जवाब में SHO रजनीश कुमार और उनकी टीम ने भी जवाबी फायरिंग की।

पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ लगभग 20 मिनट तक चली, जिसमें अपराधियों ने 24 राउंड से ज्यादा और पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलाईं। फायरिंग रुकने के बाद पुलिस टीम आगे बढ़ी और वहां तीन लोगों को घायल अवस्था में पाया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए।

कितने खतरनाक थे मारे गए अपराधी

पटना के SSP कार्तिकेय के. शर्मा के अनुसार, मारे गए ये तीनों अपराधी पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर थे। इनका नेटवर्क सिर्फ मनेर तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इनका प्रभाव आसपास के जिलों और दियारा तक फैला हुआ था। SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इन तीनों व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

  • सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जेपी यादव
    • जेपी यादव इस गिरोह का मास्टरमाइंड था। उसका मुख्य काम कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी पैसे लेकर हत्या करवाने की साजिश रचना था। ये हत्याएं अक्सर जमीन के विवादों, अवैध रेत खनन पर कब्जे की लड़ाई या पंचायत चुनाव की रंजिश के कारण होती थीं। ब्यापुर PACS (प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी) के अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ ​​भोलू की हाल ही में हुई हत्या का मुख्य साज़िशकर्ता वही था। वह पर्दे के पीछे रहकर काम करता था, हथियार मुहैया कराता था और अपने भाड़े के शूटरों को इन वारदातों को अंजाम देने के निर्देश देता था।
  • मुख्य शूटर बबलू कुमार
    • बबलू कुमार इस गिरोह का मुख्य शूटर था, जो अपने सटीक निशाने के लिए जाना जाता था। महाअष्टमी की रात जब PACS अध्यक्ष संजीत कुमार अपने बरामदे में बैठे थे, तब बबलू उस गुट में सबसे आगे था जो मोटरसाइकिल से उतरा और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बबलू पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन सहित कई मामले दर्ज थे। वह बिना किसी हिचकिचाहट के बहुत करीब से गोली चलाने के लिए कुख्यात था।
  • सूरज उर्फ ​​राजा शर्मा
    • सूरज उर्फ ​​राजा शर्मा, इस गिरोह का तीसरा अहम सदस्य था। उसका काम रेकी करना, हथियार जुटाना और हमले के दौरान फायरिंग करके दहशत फैलाना था, ताकि शूटर आसानी से भाग सकें। संजीत कुमार की हत्या के समय उसने नकाब पहन रखा था और बचाव के लिए फायरिंग किया था। पुलिस एनकाउंटर के दौरान भी उसने देसी कट्टे और पिस्तौल से पुलिस अधिकारियों पर सीधे गोलियां चलाई थीं।

महाअष्टमी की रात क्या हुआ था?

यह एनकाउंटर उस घटना से जुड़ा है, जो 19 अक्टूबर को नवरात्रि की महाअष्टमी के दिन हुई थी। मनेर के ब्यापुर गांव में पैक्स के अध्यक्ष संजीत कुमार अपने घर के बरामदे में प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू कुमार के साथ बैठे थे। तभी, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और उन पर लगभग एक दर्जन गोलियां चलाईं।

संजीत कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि पिंटू कुमार जांघ में गोली लगने से घायल हुए थे। पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिश के कारण हुई इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के बाद संदिग्ध जेपी यादव, बबलू और सूरज फरार हो गए थे। सटीक खुफिया जानकारी मिलने पर, पुलिस ने धनतेरस के मौके पर तीनों को घेर लिया और उन्हें मार गिराया।

दानापुर अस्पताल में परिजनों का हंगामा

एनकाउंटर के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजन और समर्थक अस्पताल परिसर में जमा हो गए हैं। परिजनों ने पुलिसकर्मियों से बहस की और शवों को दिखाने तथा उन्हें सौंपने की मांग की, जिसके चलते वहां धक्का-मुक्की भी हुई।

बढ़ते तनाव को देखते हुए दानापुर और मनेर समेत चार थानों की पुलिस और 100 से अधिक अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है, जिससे अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा का दो-स्तरीय घेरा बन गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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6 Nov 2026, 11:49 AM IST
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