प्रद्योत देबबर्मा जिस इलाके और समुद्र तक पहुंच की बात कर रहे हैं, वह ऐतिहासिक रूप से तत्कालीन त्रिपुरा रियासत के मैदानी इलाकों का हिस्सा था, जिसे चकला रोशनबाद कहा जाता था। अविभाजित बंगाल के कोमिला, नोआखली और सिलहट जिलों से सटे ये मैदानी इलाके राजस्व और व्यापार के लिहाज से बहुत समृद्ध थे और यहीं से चटगांव बंदरगाह तक पहुंच मिलती थी।