राष्ट्रीय

इंजीनियरिंग छात्रा की आत्महत्या पर भड़का प्रदर्शन, स्थिति काबू करने के लिए 20 थानों की पुलिस तैनात

पटना से सटे चांदी इंजीनियरिंग कॉलेज की एक सेकेंड ईयर की छात्रा ने कथित तौर पर प्रिंसिपल के उत्पीड़न से परेशान होकर हॉस्टल की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली।
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Sep 25, 2025
Patna Engineering student commits suicide
पटना में इंजिनियरिंग छात्रा ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार की राजधानी पटना में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पटना से सटे चांदी इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने बुधवार रात आत्महत्या कर ली है। मृतक छात्रा की साथी छात्राओं ने इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार, मृतक छात्रा ने प्रिंसिपल डॉ. गोपाल नंदन द्वारा किए गए उत्पीड़ से परेशान होकर अपनी जान दी है। मृतका की पहचान सोनम कुमारी के रूप में हुई है जो सिविल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष की छात्रा था। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरु कर दी है।

सोनम की साथियों ने लगाए प्रिंसिपल पर आरोप

20 वर्षीय सोनम मुंगेर ज़िले के बरियारपुर ब्लॉक की रहने वाली थी। उसने बुधवार देर रात कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंज़िल की छत से कूद कर अपनी जान दे दी। रहस्यमय परिस्थितियों में हुई इस छात्रा की मौत ने कॉलेज में स्थिति काफी तनावपूर्ण कर दी। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन मृतक छात्रा की क्लासमेट्स ने कॉलेज के प्रिंसिपल पर सोनम को परेशान करने और धमकी देने के आरोप लगाए है।

घायल सोनम को अस्पताल ले जाने के लिए नहीं दी गाड़ी

छात्राओं के अनुसार, प्रिंसिपल छात्रों को डराता-धमकाता था और उनकी शिकायतों को सुलझाने की जगह, छात्रों पर चुप रहने का दबाव बनाता था। मृतका की दोस्तों ने यह भी आरोप लगाया है कि, जब सोनम तीसरी मंजिल से कूदने के बाद करीब 30 मिनट तक घायल पड़ी थीं, तो प्रिंसिपल ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए कॉलेज की गाड़ी देने से मना कर दिया था। इसके बाद सोनम को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

गुस्साएं छात्राओं ने वाहन में लगाई आग

इस घटना से छात्राओं में भारी विद्रोह फैल गया, इसे लेकर छात्रों ने रात भर कैंमस में विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साएं छात्रों ने एक डीएसपी की सरकारी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया और एक स्कूटर में आग लगा दी। छात्रों ने प्रिंसिपल को तुरंत मौके पर बुलाने की मांग के साथ प्रदर्शन शुरु कर दिया। वहीं जब प्रिंसिपल से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया और कहा कि वह इस मामले पर बाद में बात करेंगे। वहीं अशांती बढ़ने पर तुरंत मौके पर ASP मोहम्मद नूरुल हक, तीन DSP और 20 थानों की पुलिस तैनात की गई।

अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

कई घंटों के तनाव के बाद गुरुवार सुबह स्थिती काबू में की गई। नालंदा के पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने पुष्टि की है कि इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए है। चांदी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सुमन कुमार ने बताया कि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और छात्रों व माता-पिता के बयानों के आधार पर ही मौत की असली वजह पता चल पाएगी। अधिकारियों ने यह भरोसा भी दिलाया है कि अगर प्रिंसिपल के खिलाफ लगे आरोप सही साबित होते है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
25 Sept 2025 02:38 pm
Published on:
25 Sept 2025 02:16 pm