बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज मामला में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में लाठीमार एडीएम के के सिंह को अब कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दरअसल सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था।
बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती से जुड़े प्रदर्शन में छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। इस मामले में लाठीमार एडीएम केके सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यही नहीं एडीएम केके सिंह से एक हफ्ते में जवाब देने को भी कहा गया है। जांच दल ने पाया कि, इस प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करने वाले एडीएम जरूरत से ज्यादा आक्रामक हो गए थे। दरअसल प्रदर्शन के दौरान हाथ में तिरंगा लिए एक अभ्यर्थी पर एडीएम की ओर से लाठी बरसाने का वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद सरकार पर कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा था। पटना में हुए इस लाठीचार्ज में अभ्यर्थी मोहम्मद अनिसुर रहमान बुरी तरह जख्मी हो गए थे। उन्होंने बिहार सरकार से एडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
दरअसल एडीएम लॉ एंड ऑर्डर के के के सिंह बीते चार वर्षों से पटना में हैं और इसी साल अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एडीएम की कार्रवाई अनुचित पाई गई। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि, कार्रवाई के दौरान एडीएम केके सिंह जरूरत से ज्यादा आक्रामक हो गए थे।
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क्या है पूरा मामला?
बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती मामले में अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कुछ अधिकारियों ने अभ्यर्थियों पर लाठी भांजना शुरू कर दिया।
इससे कई अभ्यर्थी चोटिल हो गए हैं। एक अधिकारी की ओर से अभ्यर्थी की लाठी से पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले एडीएम केके सिंह ने अभ्यर्थी के बाल पकड़कर उसे घसीटा और फिर लाठियां बरसाना शुरू कर दीं।
इस वजह से अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
दरअसल प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी STET एग्जाम पास कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें अभी तक नौकरी नहीं दी है।
यही वजह है कि, अभ्यर्थी पिछले काफी समय से प्रदर्शन करते आ रहे हैं। हालांकि हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है लेकिन नौकरी अभी तक नहीं मिल पाई है।
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