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पटना में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, संदीप सौरव बोले- 13 करोड़ नाम काटे गए, गिरफ्तारी तक लड़ेंगे

ECI Controversy: पटना में वामपंथी पार्टियों और कई संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को काबू में करने के लिए वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। CPI(ML) विधायक संदीप सौरव ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में आंदोलन जारी रहेगा।
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Sep 28, 2026
patna protest for gyanesh kumar resignation
पटना में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज (फोटो- वीडियोग्रैब/ X@IANS)

Patna Protest: राजधानी पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर वामपंथी पार्टियों सोमवार को सड़क पर उत्तर आईं। वामपंथी पार्टियों और कई सामाजिक संगठनों के विरोध मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहे पर हालात तब बेकाबू हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश में बैरिकेड तोड़ दिए। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान लाठीचार्ज किये जाने की जानकारी भी सामने आईं। चौराहे पर अफरातफरी मच गई और पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शनकारियों ने तोड़े बैरिकेड

भगत सिंह की जयंती के मौके पर सैकड़ों वामपंथी कार्यकर्ता, छात्र और युवा पटना की सड़कों पर उतरे। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाते हुए डाकबंगला चौराहे की ओर मार्च किया। चौराहे पर पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों पर तेज पानी की बौछारें शुरू कर दीं। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटा दिए गए- संदीप सौरव

इस दौरान CPI-ML विधायक डॉ. संदीप सौरव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज हम भगत सिंह की जयंती मना रहे हैं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते जान कुर्बान कर दी थी। आजादी के दीवानों ने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि आजाद भारत में ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा जब देश की चुनावी प्रक्रिया पर ही जनता को सवाल खड़े करने पड़ेंगे। तीन चुनाव आयुक्तों में से दो की औपचारिक आपत्ति के बावजूद देश के 13 करोड़ नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए।

वेबसाइट सेंट्रलाइज कर सत्ताधारी दल के लिए धांधली की गई: संदीप सौरव

विधायक संदीप सौरव ने आरोप लगते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पूरे डिजिटल पोर्टल और वेबसाइट को सेंट्रलाइज करके एक खास राजनीतिक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए वोटरों के नाम जोड़े या हटाए गए। इस बड़े खुलासे के बाद ऐसा लगता है कि देश में लोकतंत्र जैसा कोई सिस्टम नहीं बचा है। भगत सिंह ने जिस स्वाधीन भारत का सपना देखा था, उसके रास्ते में रोड़ा बने ज्ञानेश कुमार और सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा।

बिहार में 7 दिन तक विरोध प्रदर्शन

संदीप सौरव ने बताया कि यह विरोध सिर्फ़ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि बिहार भर की वामपंथी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर सात दिन के आंदोलन का आह्वान किया है। यह लड़ाई सड़कों से लेकर सदन तक तब तक जारी रहेगी जब तक लोकतंत्र-विरोधी ताक़तों का पर्दाफाश नहीं हो जाता।

Updated on:
28 Sept 2026 02:54 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:54 pm