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पटना में पुलिस एक्शन के बीच भड़कीं छात्राएं, कहा- CJI हमें कॉकरोच कहते हैं और BPSC कुत्ता

BPSC Student Protest: मंगलवार को पटना में छात्र BPSC के विरोध में सड़कों पर उतर आए। विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आयोग और प्रशासन का कड़ा विरोध किया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाया।
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Aug 25, 2026
patna student protest
पटना में छात्रों का प्रदर्शन (फोटो- IANS)

Patna Student Protest: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में बदलाव की मांग को लेकर मंगलवार को पटना की सड़कों पर छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब प्रदर्शनकारी छात्र गांधी मैदान से राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बीच, छात्रों ने अपना गुस्सा जाहिर किया और सिस्टम व आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने आरोप लगाया कि 70वीं BPSC परीक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमितता की पूरी तरह कमी थी। उसने बताया कि छात्र प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ बातचीत की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करके उसे निष्पक्ष रूप से दोबारा आयोजित करना और TRE-4 शिक्षक भर्ती के लिए प्रस्तावित दो-चरण की प्रक्रिया के बजाय एक-चरण की परीक्षा आयोजित करना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने नेगेटिव मार्किंग हटाने और पेपर लीक व भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की।

छात्रों का हो रहा अपमान

छात्रा ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि छात्रों को अपमानित किया जा रहा है। उसने आरोप लगाया कि बड़े अधिकारी और BPSC अपमानजनक बातें कह रहे हैं। उसने कहा, "आयोग के अधिकारी हमें कुत्ते कहते हैं और CJI हमें कॉकरोच कहते हैं। इसीलिए हम आज अपनी मांगों को रखने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।"

जवाबदेही तय होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके साथी मनीषा, आदर्श और सोनू पिछले दो दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं, फिर भी प्रशासन कोई सकारात्मक कदम उठाने में नाकाम रहा है। छात्रों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती रही, तो वे अपने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध को और तेज करेंगे, जिसमें मार्च, धरने और प्रदर्शन शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक आयोग के सबसे ऊंचे स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हो जाती।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद नियमों में बदलाव के आरोप

विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में मनमाने ढंग से बदलाव किए गए। एक उम्मीदवार ने बताया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का चरण पूरा होने के बाद नियमों में बदलाव किए गए, जिससे उम्मीदवार अयोग्य हो गए। उम्मीदवारों का तर्क था कि अगर नियमों में कोई बदलाव जरूरी था, तो यह जानकारी विज्ञापन जारी करते समय ही दी जानी चाहिए थी।

Updated on:
25 Aug 2026 03:20 pm
Published on:
25 Aug 2026 03:13 pm