
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर संसद की कार्यवाही को लेकर तीखा तंज कसा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, "आपको प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि संसद चले या नहीं। अगर वे चाहते हैं कि संसद चले, तो उन्हें आकर डोनेशन की चोरी, छात्रों के खिलाफ हिंसा, पेपर लीक, आत्महत्या करने को मजबूर युवाओं की हालत और पेलेट गन व AK-47 के इस्तेमाल पर चर्चा करनी चाहिए।"
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि, "राम मंदिर का मुद्दा सिर्फ एक राज्य का मामला कैसे हो सकता है? क्या राम के भक्त सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही हैं? क्या डोनेशन या चढ़ावा देने वाले लोग सिर्फ उत्तर प्रदेश से थे? वे तो दुनिया भर से आए थे, तो आप कैसे कह सकते हैं कि यह मुद्दा सिर्फ एक राज्य तक सीमित है? उन्हें कल आने दीजिए। उन्हें कौन रोक रहा है? असल में, हम तो चाहते हैं कि वे आएं। हम मांग कर रहे हैं कि वे आएं, लेकिन वे नहीं आ रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा का यह बयान संसद सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध और तीखे राजनीतिक हमलों के संदर्भ में आया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल गृहमंत्री अमित शाह से संसद में आकर युवाओं पर कथित कार्रवाई और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर जवाब देने की लगातार मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा का आरोप है कि सरकार यह तय करना चाहती है कि विपक्ष सदन में कौन से सवाल पूछे, और सरकार के शीर्ष नेतृत्व से तीखे सवालों से बचने के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है। सदन में विपक्ष के लोगों को बोलने का पर्याप्त समय और मौका नहीं दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष का तर्क है कि विपक्ष व्यवधान पैदा कर रहा है और जरूरी विधायी कामकाज को चलने नहीं दे रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा कि, गृहमंत्री अमित शाह डरे हुए हैं और इसी कारण से वे संसद में मौजूद नहीं हैं।