
INDIA Bloc Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए INDIA ब्लॉक के सांसद किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन्स से रिहा होकर चले गए। रिहाई के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारी विपक्ष से न मिलने के लिए ज्ञानेश कुमार को 'पछतावा' होगा। खेड़ा ने ANI से कहा, मुसीबत तो अभी शुरू हुई है।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक CEC कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने कहा, यह लड़ाई तो अभी शुरू हुई है। पहले ही दिन, राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष एकजुट होकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के लिए चुनाव आयोग तक मार्च किया। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना हमारा संवैधानिक अधिकार है। जिस तरह से राहुल गांधी को रोका गया और हिरासत में लिया गया, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित सभी सांसदों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। वडिंग ने कहा, उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित सभी सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे हम अपराधी हों।
यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित लोकतंत्र बचाओ अभियान का हिस्सा है। इसके तहत विपक्षी नेता स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम कर रहे हैं।
इससे पहले दिन में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया। विपक्षी सांसदों को बैरिकेड लगाकर निर्वाचन सदन में जाने से रोका गया। इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर से करीब 100 मीटर दूर आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया।
विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन से राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया, जहां वे CEC कुमार के खिलाफ धरना दे रहे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी शामिल थे। पुलिस ने आकाशवाणी भवन के बाहर कई यूथ कांग्रेस और NSUI नेताओं को भी हिरासत में लिया, जिनमें IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल थे।