
नई दिल्ली। आज दुनियाभर में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है। पेड़ों की लगातार हो रही कटाई, बढ़ते वाहनों जैसे कई कारणों के चलते अब लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की करीब 91 फीसद जहरीली हवा में सांस ले रही है। वहीं अगर भारत की बात करें तो राजधानी दिल्ली समेत आस-पास के कई इलाकों में हालात इन दिनों चितांजनक बने हुए हैं। इससे लोगों को भी खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
6 साल कम हो जाएगा भारतीयों का जीवन
अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पालिसी इंस्टिट्यूट द्वारा जारी एक रिपोर्ट में भारत की खराब हवा के प्रभाव को लेकर चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगर वायु प्रदूषण के विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो हर भारतीय का जीवन 6 वर्ष कम हो जाएगा।
बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है प्रदूषण
रिपोर्ट में दिल्ली और लखनऊ की स्थिति और गंभीर बताई गई है। आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली और लखनऊ में लोगों की औसत उम्र 9 साल या इससे अधिक कम होने की आशंका जताई गई है। भारत में वायु प्रदूषण बच्चे पर भी कहर बनकर टूट रहा है। स्टेट आफ ग्लोबल एयर की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 1,16,000 से अधिक शिशुओं की मौत के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेवार है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदूषण के चलते 2019 में करीब 16.7 लाख लोगों की जान गई थी।
गौरतलब है कि दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा बेहद जहरीली बनी हुई है। इसको लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी, साथ ही सरकार से दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी मांगी थी। इसके बाद सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के सभी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया, इस दौरान ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई हो सकेगी।
साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों को बंद कर कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य में चल रहे निर्माण कार्य को भी 14 से 17 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है।