
सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कानून पर किसी भी रोक का विरोध किया है। साथ ही यह तर्क दिया कि कानून के लिए कोई भी चुनौती राजनीति से प्रेरित है। हानिकारक बयानों के आधार पर बनाई गई है। सरकार ने यह भी बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अधिनियम की चुनौतियां चुनाव आयोग में नियुक्त व्यक्तियों की साख पर सवाल नहीं उठाती हैं। यह सब ऐसे टाइम में हो रहा है जब लोकसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय रह गया है।
क्या है CEC एक्ट
सीईसी अधिनियम भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग के सदस्यों का चयन करने वाले उच्च स्तरीय पैनल से हटा देता है। इस कानून के तहत अब तीन सदस्यीय समिति में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल का एक सदस्य और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। मुख्य न्यायाधीश को हटाने, इसको निष्पक्ष मतदान के रूप में देखा जाता है - ने चिंताओं को जन्म दिया है कि सरकार अपने उम्मीदवारों को जबरन चुन सकती है।