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क्या चुनाव बाद महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों पर सरकार ने दिया जवाब

Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अफवाहें फैलाने वालों पर चिंता जताते हुए मंत्रालय ने इन्हें भ्रामक और गलत बताया।

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Apr 28, 2026
Petrol-Diesel (Photo Source - Patrika)

Petrol Diesel Price: देश में कल यानी 28 अप्रैल को विधानसभा चुनाव समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर अफवाहें तेज हो गई थीं कि चुनाव खत्म होते ही सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा देगी। इन अटकलों को खारिज करते हुए केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि कल चुनाव समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी की योजना नहीं है।

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल देश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और इसकी कीमतें नहीं बढ़ रही हैं। इसलिए कृपया घबराएं नहीं। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर लोग अफवाहों के कारण घबराकर पेट्रोल-डीजल की अतिरिक्त खरीदारी कर रहे हैं। मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि आपूर्ति सुचारू बनी रहे।

सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाह

आंध्र प्रदेश में सोमवार (27 अप्रैल) को अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। हजारों वाहन चालकों ने पेट्रोल और डीजल की कथित कमी के डर से स्टॉक करने की कोशिश की, जिससे कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य अधिकारियों और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को तत्काल आपूर्ति सामान्य करने और पैनिक बाइंग रोकने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के कुल 4510 पेट्रोल पंपों में से करीब 10 प्रतिशत (421) पंप अस्थायी रूप से बंद हो गए थे।

ईंधन की कोई कमी नहीं

सुजाता शर्मा ने जोर देकर कहा कि सरकार ने आपूर्ति को प्राथमिकता दी है ताकि किसी भी क्षेत्र में स्टॉक की कमी न हो। उन्होंने माना कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे संकट के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के आयात पर कुछ असर पड़ा है। फिर भी सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रखी है। परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की सप्लाई भी पूरी तरह से जारी है।
कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पहले कुछ प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसे लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। प्राथमिकता अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मा, स्टील और कृषि क्षेत्रों को दी जा रही है। शर्मा ने यह भी बताया कि तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।

Published on:
28 Apr 2026 07:16 pm
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