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US-Iran युद्ध के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, ATF की कीमतों में आया रिकॉर्ड तोड़ उछाल

US-Iran युद्ध के कारण कच्चे तेल में उछाल के बावजूद, सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखीं। हालांकि, ATF के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
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Apr 17, 2026
petrol diesel rates
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम फाइल फोटो-पत्रिका

Petrol Diesel Prices: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार लंबे समय से अस्थिर बना हुआ है, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव के कारण। 28 फरवरी को शुरू हुए US-Iran युद्ध ने इस अस्थिरता को और गहरा कर दिया। इस युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया। भारत में भी इसका असर देखने को मिला, हालांकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार ने नियंत्रित रखा है, जबकि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

जानिए प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले कई हफ्तों से कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। नई दिल्ली में पेट्रोल करीब 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। हालांकि प्रीमियम पेट्रोल जैसे स्पीड, पावर और XP95 की कीमतों में मार्च के अंत में 2 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बावजूद आम उपभोक्ता के लिए कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं।

सरकारी हस्तक्षेप से दाम हुए स्थिर

कीमतों को स्थिर रखने के पीछे सरकार का सक्रिय हस्तक्षेप प्रमुख कारण रहा है। 27 मार्च को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की थी। इस फैसले का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बढ़ती क्रूड ऑयल कीमतों का सीधा असर आम जनता पर पड़ने से रोकना था। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे कीमतों की समीक्षा करती हैं, लेकिन टैक्स और पॉलिसी फैसलों के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिलती रही है।

हवाई ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

जहां पेट्रोल-डीजल स्थिर रहे, वहीं ATF की कीमतों में भारी उछाल आया। मार्च में ATF की कीमत बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई, जो 114% से ज्यादा की वृद्धि है। हालांकि सरकार ने घरेलू एयरलाइंस को राहत देते हुए केवल 25% बढ़ोतरी ही पास ऑन करने का फैसला किया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह पूरी लागत लागू की गई है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू हवाई यात्रा को महंगा होने से बचाना और एविएशन सेक्टर को धीरे-धीरे एडजस्ट करने का मौका देना था।

Updated on:
17 Apr 2026 06:46 pm
Published on:
17 Apr 2026 06:46 pm