
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ पर छापेमारी की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। PFI ने बिहार के पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली पर हमले की साजिश रची थी, जिसके लिए एक प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया था। इसके साथ ही पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया टेरर मॉड्यूल तैयार करने और संवेदनशील स्थानों पर हमले करने की तैयारी कर रहा था। दरअसल पिछले गुरुवार 13 सितंबर को NIA ने टेरर फंडिंग को लेकर उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक सहित 13 राज्यों में छापेमारी की थी, जिनके साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एक टीम मौजूद थी।
इसी छापेमारी के दौरान ED ने केरल से PFI के सदस्य शफीक पायेथ गिरफ्तार किया था, जिसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सामने सनसनीखेज दावा किया है। शफीक पायेथ ने NIA से बताया है कि इस साल 12 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी के पटना दौरे के दौरान हमला करने की साजिश थी, जिसके लिए ट्रैनिंग कैंप भी लगाया गया था।
साल 2013 में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों ने इसी तरह का किया था प्रयास
अक्टूबर 2013 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पटना में रैली थी, जिससे ठीक पहले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों ने धमाका किया था। इस धमाके के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि आतंकी हमले से इंकार नहीं किया जा सकता है।
गुरुवार 13 सितंबर को NIA ने की बड़ी कार्रवाई
गुरुवार 13 सितंबर को NIA ने 13 राज्यों में छारेमारी करते हुए PFI से जुड़े 100 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनसे अब जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही पिछले साल भी NIA ने PFI के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 120 करोड़ रुपए विदेशों से PFI को ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ था, जिसकी भी जांच की जा रही है।
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