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‘एक जंतर-मंतर बंद किया तो हजारों खड़े होंगे’, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर पिनाराई विजयन की हुंकार

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रद्द करने की मांग के बीच पिनाराई विजयन ने CEC पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों को दमन के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता और एक जंतर-मंतर बंद होने पर हजारों सामने आएंगे।
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Updated: 24 Oct 2026, 10:07 AM IST
Chief Election Commissioner
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और CPI(M) पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य पिनाराई विजयन (फोटो सोर्स-ANI)

Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो रहा है। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने CEC पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि अगर एक जंतर-मंतर बंद किया गया, तो हजारों जंतर-मंतर खड़े होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

दिल्ली में प्रदर्शन पर पाबंदी पर भड़के विजयन

लोक भवन की ओर विरोध मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विजयन ने केंद्र सरकार और प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तय ऐतिहासिक स्थल 'जंतर-मंतर' तक का उपयोग रोक दिया गया। विजयन ने कहा कि प्रशासन यह समझ ले कि दमनकारी नीतियों से जन-आंदोलनों को कुचला नहीं जा सकता। यदि वे एक जंतर-मंतर को बंद करेंगे, तो देश के कोने-कोने में हजारों जंतर-मंतर खड़े हो जाएंगे।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर खड़ा हुआ बवाल

यह पूरा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर गरमाया हुआ है। विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज का आरोप है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को उनके संवैधानिक और मताधिकार से वंचित करने की साजिश हो रही है। इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत पूरा विपक्ष एकजुट होकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।

'संवैधानिक संस्थाओं का हो रहा दुरुपयोग'

पूर्व मुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग का प्राथमिक दायित्व देश के लोकतंत्र की रक्षा करना है, लेकिन वर्तमान में उसके कदम एक विशिष्ट राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए जनता के अधिकारों का हनन किया जा रहा है और देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।

देशभर में सड़कों पर उतरा विपक्ष और छात्र संगठन

शुक्रवार को वामपंथी दलों, छात्र संगठनों और विभिन्न नागरिक मंचों ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारे के समीप मार्च निकालने के साथ-साथ लोक भवन तक विरोध रैलियां आयोजित की गईं। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को तुरंत रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।

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24 Oct 2026, 10:07 AM IST
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