
Pawan Khera on PM CARES Fund: पीएम केयर्स फंड में 31 मार्च 2025 तक 8,452 करोड़ रुपये की राशि मौजूद थी। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में फंड से कुल 87.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेरा ने आरोप लगाया कि देश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोग राहत और पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं लेकिन फंड की बड़ी राशि का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
पवन खेरा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 8,452 करोड़ रुपये की उपलब्ध राशि में से केवल 0.01 प्रतिशत का इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं से लोग प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें राहत की जरूरत है तो फंड से अधिक राशि क्यों नहीं जारी की जा रही। कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़ी रकम फंड में पड़ी है जबकि लोग राहत और पुनर्वास के लिए परेशान हैं।
पीएम केयर्स फंड की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू चंदे से करीब 479 करोड़ रुपये मिले। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत कम है। वहीं, विदेशी योगदान भी घटकर 92.8 लाख रुपये रह गया। 2023-24 में विदेशी योगदान करीब 1.13 करोड़ रुपये था।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक पीएम केयर्स फंड का कुल बैलेंस 8,452 करोड़ रुपये था। एक साल पहले यानी 31 मार्च 2024 को यह राशि 7,173 करोड़ रुपये थी। कुल बैलेंस में से करीब 7,846 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे गए थे जबकि करीब 605 करोड़ रुपये बचत बैंक खातों में थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में पीएम केयर्स फंड से कुल 87.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। पिछले वित्त वर्ष में यह राशि करीब 15.6 करोड़ रुपये थी।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के तहत भी 2024-25 में करीब 87.8 लाख रुपये खर्च किए गए जबकि 2023-24 में इस योजना के तहत 15.37 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
पीएम केयर्स फंड में घरेलू योगदान वित्त वर्ष 2020-21 में सबसे ज्यादा रहा था। उस साल घरेलू योगदान करीब 7,184 करोड़ रुपये था। इसके बाद 2021-22 में यह घटकर 1,896 करोड़ रुपये और 2022-23 में करीब 909 करोड़ रुपये रह गया।
विदेशी योगदान में भी पिछले कुछ वर्षों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 2020-21 में विदेशी योगदान करीब 495 करोड़ रुपये था, जो 2021-22 में घटकर 40 करोड़ रुपये और 2022-23 में 2.57 करोड़ रुपये रह गया। 2024-25 में विदेशी योगदान 92.8 लाख रुपये रहा।
कांग्रेस ने इन आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। पवन खेड़ा का कहना है कि देश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास की जरूरत है। ऐसे में पीएम केयर्स फंड में बड़ी राशि मौजूद रहने के बावजूद कम खर्च होना सवाल खड़े करता है।
हालांकि, 8,452 करोड़ रुपये फंड का 31 मार्च 2025 का कुल बैलेंस है जबकि 87.85 लाख रुपये वित्त वर्ष 2024-25 में किया गया कुल भुगतान है। दोनों आंकड़े अलग-अलग वित्तीय मदों को दर्शाते हैं।