
नेता प्रतिपक्ष झारखण्ड, बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Babulal Marandi Letter to CM Hemant Soren: झारखंड में JPSC और JSSC-CGL समेत 22 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने और छात्रों के 26 दिन लंबे विरोध-प्रदर्शन के खत्म होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर मांग की है कि रद्द की गई सभी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CID के बजाय सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराई जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि CGL परीक्षा की CID जांच का मकसद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय मामले को दबाना और असली मास्टरमाइंड को बचाना है।
मरांडी ने लिखा, "झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर गुस्से के माहौल के लिए CID की संदिग्ध जांच काफी हद तक जिम्मेदार है। छात्र गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से सबूत दे रहे थे, फिर भी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर जनता के विरोध का इंतजार क्यों किया? सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है? अब रद्द परीक्षाओं की जांच एक बार फिर उसी CID को सौंप दी गई है, तो इससे सरकार की मंशा पर शक पैदा होता है।"
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा के लिए इंटरव्यू बोर्ड को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप सामने आए हैं, जिसमें CID के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह हितों के टकराव का स्पष्ट मामला है। उन्होंने मांग की कि JPSC, JSSC-CGL, रद्द की गई सभी 22 परीक्षाओं और शक के दायरे में मौजूद अन्य 17 परीक्षाओं की जांच तुरंत CBI को सौंपी जाए।
सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि इस घोटाले के तार झारखंड से आगे हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार तक फैले हुए हैं। शाहदेव ने बताया कि इस घोटाले में दूसरे राज्यों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और सॉल्वर गैंग शामिल हैं। चूंकि CID के पास दूसरे राज्यों में जब्ती या गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं है, इसलिए CBI जांच के लिए सबसे उपयुक्त एजेंसी है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि CID ने पहले हाई कोर्ट को बताया था कि कोई अनियमितता नहीं पाई गई, फिर भी सरकार ने अब स्वीकार किया है कि बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। इसलिए, जिन CID अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट सौंपी थी, उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए। हालांकि छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है, लेकिन बीजेपी CBI जांच की अपनी मांग पर अडिग है।
विपक्ष के आरोपों के बीच झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सरकार के कदमों का बचाव किया। सिन्हा ने कहा कि TDPL एजेंसी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह टकराव से समाधान की ओर बढ़ने का सफर है, जिसमें छात्रों की जीत हुई है।
Updated on:
19 Aug 2026 09:48 pm
Published on:
19 Aug 2026 09:46 pm
