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PM मोदी से मिले रूसी उप-प्रधानमंत्री: व्यापार और डिफेंस पर बड़ी चर्चा, पुतिन की भारत यात्रा के समझौतों पर लगी मुहर

PM Modi meets Denis Manturov: रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है। इस दौरान डिफेंस डील, रूसी तेल और पुतिन की भारत यात्रा के समझौतों की प्रगति पर चर्चा हुई।

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Apr 02, 2026
PM Modi and Denis Manturov Meeting (Image: IANS)

PM Modi and Denis Manturov Meeting: रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा की। बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग, रक्षा क्षेत्र, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मंटुरोव ने इन क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी दी और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की।

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रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर

दोनों पक्षों ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। खास तौर पर व्यापार, निवेश, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी है।

इस दौरान दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हुए समझौतों को लागू करने की दिशा में प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने इन समझौतों को तेजी से जमीन पर उतारने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुतिन की भारत यात्रा का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2025 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान हुए समझौते द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इन समझौतों के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताया है और रूस के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की है। साथ ही, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित की है।

उच्चस्तरीय मुलाकातों का सिलसिला

गुरुवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे मंटुरोव का पालम हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनकी इस यात्रा के दौरान कई अहम बैठकों का कार्यक्रम तय है। वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे।

इन बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी

हाल के हफ्तों में रूस एक बार फिर भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली अस्थायी छूट के बाद दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा, रक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग भारत-रूस संबंधों को और गहराई देगा और वैश्विक भू-राजनीति में दोनों देशों की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाएगा।

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Published on:
02 Apr 2026 09:43 pm
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