pm modi fuel saving appeal: PM मोदी की अपील पर देश भर में सियासी घमासान मचा है। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उन्होंने विपक्ष से तीन सवाल पूछे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर घमासान मच गया है। भारी सियासी बवाल के बाद भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को विपक्षी दलों से साफ कहा कि देश के हित की सीमा लांघकर सिर्फ मोदी सरकार को घेरने की कोशिश न करें। उन्होंने विपक्ष से तीन सीधे सवाल पूछे और वैश्विक संकट के बीच राष्ट्रीय हित को ऊपर रखने की अपील की।
दुनिया भर में पेट्रोलियम की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका और यूरोप में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि अफ्रीकी देशों में यह 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पश्चिम एशिया से निकल रही अस्थिरता ने न सिर्फ सुरक्षा बल्कि ऊर्जा और अर्थव्यवस्था को भी झकझोर दिया है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील की है कि विदेशी सामान पर कम निर्भर रहें, ईंधन बचाएं, विदेश यात्राएं टालें और स्वदेशी चीजों का ज्यादा इस्तेमाल करें।
विपक्ष, खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व में, इसे मोदी सरकार की नाकामी बताकर हमला बोल रहा है। उनका कहना है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी जनता पर डाल रही है। लेकिन सुधांशु त्रिवेदी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
त्रिवेदी ने विपक्ष से पूछा- दुनिया का कौन सा इलाका आज आर्थिक, रणनीतिक या ऊर्जा संकट से नहीं जूझ रहा है? दूसरा सवाल और भी सीधा था- क्या आप भारत के भविष्य की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा चाहते हैं या नहीं?
तीसरे सवाल में उन्होंने कहा- क्या आप सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अराजकता फैलाने की तरह आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में भी अस्थिरता चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि यह संकट सिर्फ भारत का नहीं, पूरी दुनिया का है। प्रधानमंत्री का आह्वान देशवासियों के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। विदेशी मुद्रा को सावधानी से खर्च करने की सलाह हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है।
त्रिवेदी ने विपक्ष की आलोचना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विरोध के नाम पर कभी-कभी देश विरोधी रवैया अपनाने की गलती कर बैठता है। इस वक्त मालिस की राजनीति छोड़कर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने यह भी याद दिलाया कि कोविड काल में भी देश ने संयम दिखाया था। आज फिर वैसे ही सतर्कता की जरूरत है ताकि आने वाले समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत रहे।