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‘कृष्ण-सुदामा जैसी है हमारी दोस्ती’, PM मोदी के जन्मदिन पर वडनगर के बचपन के दोस्त ने लिखी खास चिट्ठी

Narendra Modi Birthday: PM मोदी के जन्मदिन पर वडनगर के बचपन के दोस्त शामलदास मोदी ने भावुक पत्र लिखा। उन्होंने दोस्ती को कृष्ण-सुदामा से जोड़ा और पीएम की लंबी उम्र की कामना की।
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Updated: 17 Sep 2026, 7:49 AM IST
PM Narendra Modi
पीएम नरेंद्र मोदी(फोटो-IANS)

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उनके बचपन के दिनों की एक पुरानी दोस्ती फिर चर्चा में है। गुजरात के वडनगर निवासी उनके बचपन के मित्र शामलदास मोदी ने पीएम मोदी के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने साथ बिताए बचपन के दिनों को याद करते हुए नरेंद्र मोदी को दृढ़ इच्छाशक्ति वाला बताया और दोनों की दोस्ती को श्रीकृष्ण-सुदामा के रिश्ते से जोड़ा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की।

बचपन से ही पक्के इरादे वाले थे 'नरेंद्र भाई'

शामलदास मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि नरेंद्र मोदी आज जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव उनके बचपन में ही रखी जा चुकी थी। एक बहुत ही साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनके इरादे हमेशा फौलादी थे। बचपन से ही उनमें समाज सेवा का जज्बा और किसी भी काम को पूरा करने का दृढ़ संकल्प साफ दिखाई देता था। यही वजह है कि एक छोटे से कस्बे से निकलकर उन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।

हाटकेश्वर महादेव से मांगी लंबी उम्र की दुआ

अपने मित्र की सफलता पर गर्व जताते हुए शामलदास ने वडनगर के प्रसिद्ध आराध्य देव 'हाटकेश्वर महादेव' के चरणों में विशेष प्रार्थना की। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री मोदी को हमेशा उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर देशसेवा करने की असीम शक्ति मिले।

मातृभूमि का बदला स्वरूप, पर्यटन के नक्शे पर चमका वडनगर

पत्र में शामलदास ने अपने गृहनगर वडनगर की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस मिट्टी पर दोनों दोस्त धूल-मिट्टी में खेलकर बड़े हुए, आज वही वडनगर अपनी समृद्ध विरासत और विकास के दम पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर अलग पहचान बना चुका है। अपनी जन्मभूमि के प्रति यह लगाव पीएम मोदी की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
सालों बीत जाने और एक दोस्त के देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बाद भी, शामलदास मोदी के दिल में अपने पुराने साथी के लिए वही पुरानी आत्मीयता बरकरार है। फिलहाल, अपने दिल की बात पत्र में ढालने के बाद उन्हें दिल्ली से अपने दोस्त के जवाब का बेसब्री से इंतजार है।

Updated on:
17 Sep 2026, 7:49 AM IST
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