
बस्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों के साहस, बलिदान और समर्पण की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 की दिवाली बेहद खास है। करीब 40-50 साल बाद देश में ऐसी दिवाली आई है, जब नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों से चली आ रही लड़ाई में देश ने जीत हासिल की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। करोड़ों देशवासियों ने नक्सलवाद के डर से मुक्ति पाई है। यह असाधारण उपलब्धि है और इसका बड़ा श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को जाता है। आप जैसे लाखों वीर जवानों और सुरक्षाकर्मियों के कारण ही यह संभव हो पाया है। इसी वजह से मैं आज आपके साथ दिवाली मनाने आया हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि वे 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के बलिदान, समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार जताने आए हैं। जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सफल नहीं हो पाते। लेकिन, जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात हमारे सशस्त्र बल जिस तरह देश की रक्षा करते हैं, उसी तरह देश के भीतर सुरक्षा बल के जवान भी राष्ट्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। आपने देश की एकता और अखंडता के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं। जवानों ने अपने निजी जीवन का भी बहुत बड़ा त्याग किया है। पूरा देश आप पर गर्व करता है।
प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। मैं बस्तर के जंगलों में आपके साथ दिवाली मनाने आया हूं। यह वही धरती है, जहां कभी नक्सलवाद का बड़ा खतरा था, लेकिन आपके बलिदान और समर्पण से यहां नक्सलवाद का अंत हुआ है और अब विकास की नई शुरुआत हो रही है।
उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय दीपावली का पावन पर्व मना रहे हैं। लोग दूर-दूर से अपने घर लौट रहे हैं। यह परिवार और अपनों के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। लेकिन देश की सीमाओं और भीतर सुरक्षा में तैनात जवान अपने परिवारों से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं। आप सभी मां भारती के वीर बेटे-बेटियां हैं और मेरे परिवार के सदस्य हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने जमीन पर नक्सलियों से मुकाबला कर रहे सुरक्षाबलों के हाथ बांध रखे थे। नक्सली हमले करते थे, लेकिन सुरक्षा बलों को खुलकर जवाब देने की आजादी नहीं थी। हमारी सरकार ने सुरक्षाबलों को जरूरी फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता दी। इसके साथ ही वामपंथी उग्रवाद को सरकार और व्यवस्था के भीतर से मिलने वाले समर्थन को रोकने के लिए भी काम किया। हमने संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ने का प्रयास किया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने सेवा भाव के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का जीवन बदलने का काम किया। यही वजह है कि नक्सलवाद से पीड़ित रहे लोग भी आज सरकार और सुरक्षाबलों के साथ मजबूती से खड़े हैं।