कीर्ति आजाद ने कहा कि मैं राम मंदिर नहीं गया हूं, बल्कि कामाख्या मंदिर गया हूं। क्या इसका मतलब यह है कि मां कामाख्या की पूजा करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है? उन्होंने कहा कि वह माता कामाख्या और त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। उनका सवाल था कि क्या राम मंदिर नहीं जाने से उनकी धार्मिक पहचान बदल जाती है? कीर्ति आजाद ने कहा कि वह माता सीता की जन्मभूमि से आते हैं। उन्होंने कहा कि माता सीता को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी और अग्निपरीक्षा में सफल होने के बावजूद उन्हें त्याग दिया गया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी भी इंसान के लिए अपनी पत्नी से अग्निपरीक्षा लेने और उसमें सफल होने के बाद भी उसे छोड़ देना उचित है? उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी ऐसा व्यवहार सही नहीं है।