
India Switzerland Relations: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन के साथ संयुक्त बयान में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने भारत के निर्यात के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश को और आसान बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इससे स्विट्जरलैंड को भारत के कृषि, दवा, वस्त्र और अभियांत्रिकी उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, भारत में स्विट्जरलैंड के नए निवेश को आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्विस निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर पूरी दुनिया के लिए भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाएं और विश्वसनीय समाधान विकसित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड की दोस्ती सदियों पुरानी है। आज नवाचार, बुनियादी ढांचा और उन्नत प्रौद्योगिकी दोनों देशों की साझेदारी के मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज के शिखर सम्मेलन के साथ दोनों देशों की साझेदारी को नई गति और ऊंचाई दी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर में उनके व्यक्तिगत समर्थन से भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हुआ। मोदी ने कहा कि यह भारत का यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ पहला मुक्त व्यापार समझौता है। उन्होंने इसे निवेश, नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि की महत्वाकांक्षी रूपरेखा बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
गाय पार्मेलिन भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। सोमवार को दिल्ली पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद तय कार्यक्रमानुसार हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग बैठक की। फिर संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करने से पहले दोनों की मौजूदगी में भारत और स्विस परिसंघ के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।