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PM मोदी का बड़ा जादू! युद्ध के बीच ईरान ने भारत के लिए खोला ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, निकलेंगे दो गैस जहाज

ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने शुक्रवार को कहा कि भारत को इस समय दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
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Mar 13, 2026
Gas Ships Strait of Hormuz
Strait of Hormuz

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो LPG (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) टैंकरों को गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस रूट पर सख्ती बरती थी, जिससे भारत में LPG की कमी और लंबी कतारें लग गई थीं।

ईरान ने दो एलपीजी टैंकर्स को दिया सुरक्षित रास्ता

ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने शुक्रवार (13 मार्च) को कहा, 'भारत को इस समय दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।' सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने दो LPG टैंकरों को विशेष अनुमति दी है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे। यह कदम भारत और ईरान के बीच मजबूत दोस्ती और कूटनीति का नतीजा है।

जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री से हुई थी बात

युद्ध के 14वें दिन यह राहत आई है, जहां ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में कई हमले किए और होर्मुज पर नियंत्रण बढ़ाया। ईरान ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका या उसके सहयोगी देशों के जहाजों को गुजरने की इजाजत नहीं मिलेगी, लेकिन मित्र देशों (जैसे भारत) के लिए रास्ता खुला रखा जा सकता है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कई बार बात की, जिसमें जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस था।
कुछ रिपोर्ट्स में पीएम मोदी की भूमिका का भी जिक्र है, जहां उनकी कूटनीति ने रंग दिखाया। हालांकि, ईरानी पक्ष ने कुछ रिपोर्ट्स को खारिज किया कि कोई औपचारिक समझौता हुआ, लेकिन भारतीय सूत्रों ने सुरक्षित मार्ग की पुष्टि की।

एलपीजी की लंबी लाइनों से मिलेगी मुक्ति

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है, और होर्मुज से 40% कच्चा तेल आयात होता है। LPG की कमी से शहरों में बुकिंग रुकी हुई थी, रेस्टोरेंट और घरेलू उपयोग प्रभावित हो रहा था। इन दो टैंकरों से तत्काल राहत मिलेगी, और आगे 20 तक टैंकरों के लिए बातचीत जारी है। वैश्विक स्तर पर तेल कीमतें $100 के करीब पहुंच गई हैं, लेकिन भारत के लिए यह डिप्लोमैटिक जीत है।

जंग के मैदान में मोदी की कूटनीति की जीत

ईरान ने कहा कि वह होर्मुज को पूरी तरह बंद नहीं करेगा, लेकिन सुरक्षा के लिए अनुमति जरूरी है। अमेरिका ने नौसेना से जहाजों की सुरक्षा का वादा किया है। यह घटना भारत की संतुलित विदेश नीति को दिखाती है, जहां वह ईरान से दोस्ती बनाए रखते हुए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और आगे और टैंकरों को अनुमति मिल सकती है।

Updated on:
13 Mar 2026 10:46 pm
Published on:
13 Mar 2026 10:45 pm