
Pahalgam Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सख्त कदम उठाए है। वहीं पहलगाम आतंकी हमले को लेकर हाईलेवल बैठकों का दौर जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास पर तीनों सेना के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। वहीं इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पीएम मोदी से मिलने पहुंचे हैं। हालांकि इस बैठक में क्या बात हुई इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
बता दें कि मंगलवार को पीएम आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने आतंकवाद पर 'करारा प्रहार' करने के लिए सेना को खुली छूट दे दी है। पीएम ने कहा कि आतंकवाद पर करारा प्रहार हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि उन्हें "हमारी प्रतिक्रिया के तौर-तरीकों, लक्ष्यों और टाइमिंग के बारे में निर्णय लेने की पूरी परिचालन स्वतंत्रता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए, सीडीएस और सभी सशस्त्र बलों के प्रमुखों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक पर कहा कि हमने प्रधानमंत्री को अपना पूरा समर्थन दिया है। उन्हें पता होना चाहिए कि उन्हें क्या करना है। हमारे पास परमाणु शक्ति भी है।
उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि मैं अटल बिहारी वाजपेयी के साथ पोखरण गया था। उन्होंने कहा था कि हम इसका कभी इस्तेमाल नहीं करेंगे जब तक कि कोई हम पर पहले हमला न करे। भारत ने कभी किसी पर पहले हमला नहीं किया। हमने केवल जवाबी कार्रवाई की है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रेल को आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। दरअसल, आतंकियों ने लोगों को उनका धर्म पूछ-पूछ कर मारा था। इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल पैदा हो गया। वहीं भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
हमले के अगले दिन ही भारत ने तात्कालिक नीतिगत कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की और अल्पकालिक वीजा वाले पाकिस्तानी नागरिकों को निष्कासित करने का आदेश दिया।
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद, सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विशिष्ट इकाइयों को ऑपरेशनल रेडीनेस मोड में रखा गया है।