
PM Modi New Zealand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की हालिया न्यूजीलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए और साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि न्यूजीलैंड की कई ऐसी खास चीजें पहले से ही भारतीय बाजार का हिस्सा हैं और करोड़ों लोग रोजमर्रा की जिंदगी में उनका इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं न्यूजीलैंड के उन 6 प्रमुख चीजों के बारे में, जिनकी भारत में अच्छी-खासी मांग है।
भारत में बिकने वाले अधिकांश आयातित कीवी फल न्यूजीलैंड से आते हैं। विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह फल फ्रूट सलाद, जूस और स्मूदी में खूब इस्तेमाल किया जाता है। बीमारी के दौरान डॉक्टर भी अक्सर कीवी खाने की सलाह देते हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
न्यूजीलैंड दुनिया के सबसे बड़े और बेहतरीन ऊन उत्पादक देशों में शामिल है। यहां का उच्च गुणवत्ता वाला ऊन भारत में स्वेटर, शॉल, थर्मल वियर, कंबल और प्रीमियम कालीन बनाने में इस्तेमाल होता है। सर्दियों के कपड़ों के उद्योग में न्यूजीलैंड की ऊन की खास पहचान है।
मानुका पौधे के फूलों से तैयार होने वाला मानुका शहद अपने प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए दुनियाभर में फेमस है। भारत में इसका इस्तेमाल इम्युनिटी बढ़ाने, स्किन केयर, वेलनेस प्रोडक्ट्स और हेल्थ सप्लीमेंट्स में तेजी से बढ़ा है। इसकी प्रीमियम क्वालिटी के कारण यह सामान्य शहद की तुलना में काफी महंगा भी होता है।
न्यूजीलैंड भारत को बड़ी मात्रा में पाइन की लकड़ी और वुड पल्प का निर्यात करता है। इनका इस्तेमाल फर्नीचर निर्माण, इंटीरियर डेकोरेशन, पैकेजिंग इंडस्ट्री और न्यूजप्रिंट पेपर बनाने में किया जाता है। भारतीय उद्योगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आयातित कच्चा माल है।
जब कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन कम होता है, तब न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले गाला (Gala) और क्वीन (Queen) जैसी किस्मों के सेब भारतीय बाजार में मांग पूरी करते हैं। इनकी मिठास, कुरकुरापन और गुणवत्ता के कारण उपभोक्ताओं के बीच इनकी अच्छी लोकप्रियता है।
भारत तैयार डेयरी उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध रखता है ताकि घरेलू डेयरी उद्योग को सुरक्षा मिल सके। इसके बावजूद न्यूजीलैंड से आयात होने वाले विशेष डेयरी प्रोटीन का इस्तेमाल भारत में बेबी फूड, न्यूट्रिशन ड्रिंक, हेल्थ सप्लीमेंट्स और मेडिकल न्यूट्रिशन उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सालों में न्यूजीलैंड से भारत आने वाले कृषि, खाद्य, वानिकी और डेयरी क्षेत्र के उत्पादों की उपलब्धता और व्यापार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।