प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान देश की सर्वोच्च अदालत ने पाया कि पंजाब पुलिस के अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रहे।
पीएम मोदी के पंजाब दौरे पर उनकी सुरक्षा में हुई चूक मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति की ओर से दायर की गई रिपोर्ट को पढ़ा। इसके मुताबिक, फिरोजपुर एसएसपी अवनील हंस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में विफल रहे। इंदु मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, पर्याप्त बल उपलब्ध होने के बावजूद फिरोजपुर एसएसपी अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में असफल रहे। कोर्ट ने रिपोर्ट के आधार पर हंस को चूक का जिम्मेदार माना और कहा कि, उन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई।
रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही उन्हें 2 घंटे पहले सूचित किया गया था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी उस मार्ग में प्रवेश करेंगे। लेकिन एसएसपी अवनील हंस ने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं की।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उपचारात्मक उपायों का सुझाव दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यह रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को भेजी जाए ताकि वे इस संबंध में सही कदम उठा सकें। माना जा रहा है कि अब एसएसपी अवनील हंस पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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जनवरी 2022 में पंजाब के बठिंडा में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। दरअसल पीएम मोदी एयरपोर्ट से हुसैनीवाला शहीद स्मारक में एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे। इस दौरान पीएम के काफिला को एक फ्लाइओवर पर 20 मिनट तक रोका गया था।
वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मामला मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना की बेंच के सामने उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था।
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