प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ताजा इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर बातचीत की है। उन्होंने चुनाव से लेकर देश के अन्य मसलों पर अपना पक्ष रखा है। यहां उनके इंटरव्यू की बड़ी बातें पढे़ं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 का अपना पहला इंटरव्यू दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कई सवालों का जवाब देते हुए अपनी बात रखी। विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार यानी 10 फरवरी को पहले चरण की वोटिंग होनी है। इसके पहले पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही पीएम ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी घेरा है। उन्होंने परिवारवाद पर भी अपनी बात रखी और परिवारवादी पार्टियों को लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन बताया।
समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव ने एक मंच से कहा था कि, उ.प्र. में योजनाएं भाजपा की नहीं हैं, भाजपा अमलीजामा पहनाती है। इस पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। पीएम ने कहा कि, देश में एक कल्चर चला है, राजनेता बोलते रहते हैं कि हम ये करेंगे, वो करेंगे। 50 साल बाद भी कोई अगर वो काम कर देगा तो कहेंगे कि हमने ये उस समय कहा था, ऐसे लोग बहुत मिल जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा, मैं समाज के लिए हूं परन्तु मैं जो नकली समाजवाद की चर्चा करता हूं ये पूरी तरह परिवारवाद है. लोहिया जी का परिवार कहीं नजर आता है क्या? जॉर्ज फर्नांडिस का परिवार कहीं नजर आता है क्या? नीतीश बाबू का परिवार कहीं नजर आता है क्या? एक बार किसी ने मुझे चिट्ठी भेजी थी कि उ.प्र. में समाजवादी पार्टी के परिवार से 45 लोग ऐसे थे जो किसी न किसी पद पर थे। किसी ने मुझे कहा कि उनके पूरे परिवार में 25 साल से अधिक आयु के हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है।
पीएम मोदी ने कहा, परिवारवादी पार्टियां लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब परिवार ही सर्वोपरि होता है, परिवार को बचाओ पार्टी बचे न बचे, देश बचे न बचे। ये जब होता है तो सबसे बड़ा नुकसान प्रतिभा को होता है। सार्वजनिक जीवन में जितनी अधिक प्रतिभा आए वो जरूरी है।
जब कोई पार्टी एक परिवार द्वारा पीढ़ियों तक चलाई जाती है, तो केवल वंशवाद होता है, गतिशीलता नहीं। जम्मू-कश्मीर से शुरू करें, जहां दो पार्टियां दो अलग-अलग परिवारों द्वारा चलाई जाती हैं, आप हरियाणा, झारखंड, यूपी और तमिलनाडु में ये चीज देख सकते हैं। वंशवाद की राजनीति लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन है।
हालही में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से देशभर की राजनीति खूब गरमाई थी। इसपर पीएम मोदी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट जो कमेटी बनाना चाहती थी, राज्य सरकार ने सहमति दी। जिस जज के नेतृत्व में जांच चाहती थी सरकार ने सहमति दी। राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है तभी सुप्रीम कोर्ट की इच्छा के अनुसार सारे निर्णय करती है।
जवाहरलाल नेहरू को लेकर संसद में दिए बयान पर पीएम मोदी ने कहा कि, मैंने किसी के पिता, माता, नाना, दादा के लिए कुछ नहीं कहा। मैंने देश के प्रधानमंत्री ने क्या कहा, वो कहा है। मैंने बाताया कि एक प्रधानमंत्री के ये विचार थे तब क्या स्थिति थी और आज प्रधानमंत्री के ये विचार हैं तब क्या स्थिति है।
भाषा पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि, मैं चीन के राष्ट्रपति को तमिलनाडु ले गया, फ्रांस के राष्ट्रपति को उ.प्र. ले गया, जर्मन चांसलर को कर्नाटक ले गया। देश की शक्ति को उभारना, हर राज्य को प्रोत्साहन देना हमारा काम है। UN में मैं तमिल में बोलता हूं दुनिया को गर्व होता है कि भारत के पास दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़े सवालों पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि, मैं इस चुनाव में सभी राज्यों में देख रहा हूं कि भाजपा के प्रति लहर है, भारी बहुमत से भाजपा जीतेगी। हमें सेवा का मौका इन सभी 5 राज्यों की जनता देगी। जिन राज्यों ने हमें सेवा का मौका मिला है उन्होंने हमें परखा है, हमारे काम को देखा है।
पीएम ने आगे कहा कि, भारतीय जनता पार्टी हार-हार कर ही जीतने लगी है। हमने बहुत पराजय देखे हैं, ज़मानत ज़ब्त होती देखी हैं। एक बार जनसंघ के समय चुनाव हारने पर भी मिठाई बांटी जा रही थी, तो हमने पूछा की हारने पर मिठाई क्यों बांट रहे हैं? तब बताया गया कि हमारे तीन लोगों की ज़मानत बच गई।
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