राष्ट्रीय

डिजिटल फ्रॉड और डीपफेक पर पीएम नरेंद्र मोदी का फोकस, बोले- तकनीक का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे’

PM Modi ने कहा कि तकनीक समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बने और डिजिटल सेवाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने DPI, साइबर फ्रॉड, डीपफेक और AI कंटेंट के लिए वैश्विक नियमों पर जोर दिया।
2 min read
• •
Oct 06, 2026
PM Modi news
PM Narendra Modi(Photo-ANI)

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि तकनीक को समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बनना चाहिए। इसका फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए, खासकर विकासशील देशों के लिए। प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस से पहले ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (GSMA) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही।

डिजिटल डिवाइड खत्म करने पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल युग में किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और सेवाओं को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने पर ध्यान देना होगा, ताकि डिजिटल असमानता और न बढ़े। उन्होंने खास तौर पर ग्लोबल साउथ के देशों में डिजिटल सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

विकास में अहम भूमिका निभा सकता है DPI

प्रधानमंत्री ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे सामाजिक और आर्थिक विकास को तेज करने वाला प्रभावी माध्यम बताया। पीएम मोदी के मुताबिक, कई देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत से पता चला है कि भारत के DPI मॉडल में दुनिया की दिलचस्पी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकासशील देशों को डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।

डिजिटल और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी

प्रधानमंत्री ने बढ़ते डिजिटल और साइबर फ्रॉड पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित समाधान के साथ लोगों में लगातार जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने यूजर्स को संभावित फ्रॉड कॉल और ऑनलाइन ठगी से सावधान करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान और अलर्ट जारी करने का सुझाव दिया।

डीपफेक और AI कंटेंट के लिए ग्लोबल नियमों पर जोर

पीएम मोदी ने उभरती तकनीकों के लिए वैश्विक मानकों और साझा नियम विकसित करने की जरूरत भी बताई। उन्होंने डीपफेक और AI से तैयार कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे सिस्टम विकसित किए जाने चाहिए, जिससे यूजर्स डिजिटल कंटेंट के स्रोत और उसकी प्रामाणिकता की तुरंत पहचान कर सकें।

Updated on:
06 Oct 2026 09:53 pm
Published on:
06 Oct 2026 09:40 pm
Also Read
View All
Nagpur: शराबी पिता की हरकतों से 2 साल से परेशान थी बेटी, रात में विवाद बढ़ा तो बैट से कर दिया हमला, अस्पताल में मौत

180 लोगों की जान बचाने वाले स्मित मच्छार की अमेरिकी संसद में जमकर हुई वाह-वाही, सम्मानित करने के लिए लाया गया प्रस्ताव

Ahmedabad: 10 लाख के लालच में मासूम का अपहरण, युवती ने नाबालिगों के साथ रची साजिश, पुलिस की 10 टीमों ने सुलझाई गुत्थी

RBI Announcement: लोन लेने वाले ध्यान दें! कल RBI सुबह 10 बजे करने जा रहा बड़ी घोषणा, आ गया लेटेस्ट अपडेट

ECI Protest: करीब 9 घंटे के धरने के बाद राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, प्रियंका गांधी को किया रिहा