
देश में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संसद ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' को मंज़ूरी दे दी है। इसे लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास कर दिया गया है। इस बिल के पास होने के बाद अब परीक्षा में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त सज़ा का भी ज़िक्र है, जैसे 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुडपे तक का जुर्माना और दोषी पाए गए लोगों की संपत्ति जब्त करना। मामलों का तेज़ी से निपटारा सुनिश्चित करने के लिएयह ज़रूरी किया गया है कि हर राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन रोज़ाना सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए। इसमें यह भी प्रावधान है कि अपराधों की जांच पुलिस स्टेशन में जानकारी दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुक़दमे की सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए। इस बिल के पास होने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक वीडियो शेयर करते हुए अपने विचार जाहिर किए हैं।
पीएम मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' के पास होने पर बात करते हुए कहा, "साथियों, इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम के लिए एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें टास्क फोर्स बनाना, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना और राज्यों के सुझावों पर ध्यान देना ज़रूरी है। पिछले कुछ दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक की समस्या का सामना कर रही है। इससे बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ रहा है।"
"इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और देश भर के सभी राज्यों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना ज़रूरी हो गया है। टेक्नोलॉजी का ज़्यादा इस्तेमाल ज़रूरी हो गया है। साथ ही पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाला गैंग और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए कड़े कानूनों की भी ज़रूरत है हम संसद में इस विषय में बिल लाए और जैसा कि मैंने आपसे वादा किया था, दो दिन पहले संसद के दोनों सदनों में सम्मानित सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। आज दोनों सांसदों ने कड़े कानूनों के साथ इस बिल को पास कर दिया है।"
"अब इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम की दिशा में एक अहम काम पूरा हो गया है। यह काम जारी रहेगा।हम ऐसी स्थितियों को लंबे समय तक चलने नहीं देंगे। इसी भरोसे के साथ, दोस्तों, आइए हम सब मिलकर विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए काम करें। बहुत-बहुत धन्यवाद।"