
पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र आंदोलन के दौरान दिल्ली में हिंसा के मामले भी देखने को मिले, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। प्रदर्शनकारी और सीजेपी धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी वजह से सीजेपी ने 24 जुलाई को पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है। इस मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।" अब पीएम मोदी ने एक वीडियो शेयर किया है।
गुरुवार रात 11:52 बजे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए 24 जुलाई को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा, "मित्रों, मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बहुत तकलीफदेह है। इसीलिए पेपर लीक की घटनाओं के बाद पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं। दोषियों को पकड़ा गया है और वो जेल में हैं। सरकार ने पूरी ताकत लगा दी ताकि कम से कम समय में कम से कम 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं कराई जा सकें। और बस 5-6 दिन पहले नतीजे भी घोषित कर दिए गए। आज मैंने विभागों को निर्देश दिया था कि वो फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएं और कड़ी सज़ा का प्रावधान करें। विभागों ने लगातार कड़ी मेहनत की और देर रात तक मुझे ड्राफ्ट सौंप दिया।"
"फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सज़ा के प्रावधानों वाले इस ड्राफ़्ट पर शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग में चर्चा होगी। कैबिनेट के सहयोगियों से सुझाव लेने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। और चूंकि सोमवार से संसद का दूसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, इसलिए इस बिल को जल्द से जल्द सदन में पास कराने की कोशिश की जाएगी।"