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पीएम नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को दी जन्मदिन की बधाई, सोशल मीडिया यूज़र्स ने बताया सबसे खराब शिक्षा मंत्री

Dharmendra Pradhan Birthday: पीएम नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई दी है। हालांकि सोशल मीडिया यूज़र्स कमेंट सेक्शन में प्रधान के खिलाफ अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं।
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Updated: 26 Jun 2026, 9:57 AM IST
PM Narendra Modi with Dharmendra Pradhan
पीएम नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान (File Photo)

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का आज जन्मदिन है। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भी उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी को जन्मदिन की बधाई। वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में सराहनीय प्रयास कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का केंद्र बनाना है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।"

सोशल मीडिया यूज़र्स ने बताया सबसे खराब शिक्षा मंत्री

पीएम मोदी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूज़र्स जमकर प्रधान के खिलाफ अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं। कई यूज़र्स उन्हें सबसे खराब शिक्षा मंत्री बता रहे हैं। कई यूज़र्स उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। नीट पेपर लीक और इसके चलते छात्रों के आत्महत्या करने की वजह से सोशल मीडिया पर यूज़र्स प्रधान से इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं।

क्यों हो रहा है प्रधान का विरोध?

2026 में नीट-यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक घोटाले के कारण प्रधान का देशभर में विरोध हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि इससे लाखों छात्रों को परेशानी हुई, उनके भविष्य से खिलवाड़ हुआ और री-एग्ज़ाम के बावजूद कई अनियमित्ताएं (जैसे देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री न देना, सीबीएसई अंकन में गड़बड़ी) देखने को मिली, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश में कई जगह विरोध प्रदर्शन कर प्रधान से शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी एकजुट होकर प्रधान से इस्तीफा मांगा है। छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामले, लगातार पेपर लीक, मेरिट पर सवाल और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी - एनटीए (National Testing Agency - NTA) का पेपर लीक को रोक पाने में विफल रहने का ठीकरा प्रधान पर फोड़ा जा रहा है।

प्रधान ने इन सबके लिए कुछ हद तक ज़िम्मेदारी स्वीकार की है, लेकिन लोग इसे काफी नहीं मानते। नाराज़ लोग लगातार पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और प्रधान के इस्तीफे को ज़रूरी बता रहे हैं। स्थिति अभी भी गर्म है और आंदोलन पूरे देश में फैलने की आशंका है।

Updated on:
26 Jun 2026, 9:57 AM IST
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