
PMFME Scheme: कुपवाड़ा में होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार करने वाले सोहेल अहमद वार के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME) और बैंकिंग सहायता कारोबार को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में मददगार साबित हुई है। सोहेल के मुताबिक, शुरुआत में सीमित पूंजी के कारण उन्हें अपना व्यवसाय खड़ा करने और उसे स्थिर बनाए रखने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्हें कारोबार में निवेश करने, सुविधाओं में सुधार करने और व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिला।
सोहेल अहमद वार कुपवाड़ा में ‘विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट’ का संचालन करते हैं। उन्होंने सरकारी योजना और बैंकिंग व्यवस्था से मिले सहयोग को अपने व्यवसाय को मजबूत बनाने में अहम बताया। उनके अनुसार, इस सहायता से कारोबार को स्थिरता मिली और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए।
सोहेल अहमद वार ने बताया कि सीमित पूंजी के कारण शुरुआती दौर में होटल और रेस्टोरेंट स्थापित करना आसान नहीं था। कारोबार को स्थिर बनाने और आगे बढ़ाने के लिए निवेश की जरूरत थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी रास्ते में बाधा बन रही थी।
ऐसे समय में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना के तहत मिली सहायता और बैंकिंग सहयोग ने उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने में मदद की। वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने से वह व्यवसाय में निवेश कर सके और उसकी गतिविधियों का विस्तार कर पाए।
सोहेल का कहना है कि सरकारी योजना से मिली सहायता का लाभ केवल उनके अपने व्यवसाय तक सीमित नहीं रहा। उनके प्रतिष्ठान में वर्तमान में करीब 14 लोग काम कर रहे हैं। इस तरह उनका होटल और रेस्टोरेंट उनकी आजीविका का साधन बनने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि कारोबार के विस्तार से उसे अधिक स्थिर बनाने में मदद मिली है। साथ ही, आय में सुधार हुआ और व्यवसाय को लंबे समय तक आजीविका का साधन बनाए रखने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
सोहेल अहमद वार ने कहा कि वित्तीय सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का सपना पूरा करने का अवसर दिया। इससे वह अपने व्यवसाय को मजबूत करने के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सके।
उन्होंने जोर दिया कि किसी भी सरकारी योजना की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे। लोग उस सहायता का इस्तेमाल अपने जीवन को बेहतर बनाने, कारोबार स्थापित करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए कर सकें।
सोहेल अहमद वार ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसी सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा। उनके मुताबिक, वित्तीय सहायता और बैंकिंग सहयोग विशेष रूप से उन युवाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जो पूंजी की कमी के कारण अपना कारोबार शुरू नहीं कर पाते।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपना उद्यम स्थापित करने और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद कर सकती हैं।