Central Secretariat Rotation Transfer Policy: केंद्र सरकार ने पीएमओ, केंद्रीय सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय में अफसरों की पोस्टिंग के लिए नई रोटेशन ट्रांसफर नीति लागू की है। अब आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी लंबे समय तक एक ही विभाग में नहीं रह सकेंगे।
PMO IAS Posting Policy 2026: केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे यानी पीएमओ, केंद्रीय सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय में अफसरों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए नई रोटेशन ट्रांसफर नीति लागू की गई है, जिसके तहत कोई भी अधिकारी लंबे समय तक एक ही विभाग या सेक्टर में नहीं रह सकेगा।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से युवा अधिकारियों को ज्यादा अवसर मिलेंगे और प्रशासनिक तंत्र में संतुलित अनुभव वाले नेतृत्व का विकास होगा।
नई नीति के तहत केंद्र सरकार ने मंत्रालयों और विभागों को चार अलग-अलग समूहों में बांटा है। इनमें ग्रामीण विकास और सामाजिक क्षेत्र, अर्थव्यवस्था- वित्त और उद्योग, आधारभूत ढांचा- संसाधन और प्रौद्योगिकी तथा प्रशासन और सुरक्षा जैसे समूह शामिल किए गए हैं।
अब किसी अधिकारी की तय अवधि पूरी होने के बाद उसे उसी समूह में बनाए रखने के बजाय दूसरे समूह में भेजा जाएगा। हर पद के लिए अलग-अलग कार्यकाल तय किया गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव मिले और वे बहुआयामी प्रशासनिक समझ विकसित कर सकें।
नई नीति का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि अधिकारी लंबे समय तक एक ही विभाग या प्रभावशाली पद पर जमे न रहें। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक संतुलन बेहतर होगा और नई सोच को जगह मिलेगी।
नई व्यवस्था के मुताबिक यदि कोई अधिकारी किसी एक समूह में तय अवधि से ज्यादा समय तक काम कर चुका है, तो पदोन्नति की स्थिति में उसे उसी समूह से बाहर भेजा जाएगा।
नई नीति में अधिकारियों को अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है। साथ ही प्रशिक्षण से लौटने वाले अधिकारियों की तैनाती चारों समूहों में जरूरत के आधार पर की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी होगा।
नीति में यह भी तय किया गया है कि यदि कोई अधिकारी छह महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाला है, तो उसके पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया जा सकेगा।
इसके अलावा सरकार ने अधिकारियों की प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की अवधि भी बढ़ा दी है। पहले यह रिपोर्ट 16 मई तक जमा करनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 16 जून कर दिया गया है। वहीं अंतिम रिपोर्ट को 30 नवंबर के बजाय अब 31 दिसंबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा।
बताया गया है कि चुनावी व्यस्तताओं की वजह से कई अधिकारी समय पर रिपोर्ट जमा नहीं कर पाए थे, इसलिए समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया।