
Pralhad Joshi New Education Minister: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार में मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण ऊर्जा मंत्रालय भी संभाल रहे हैं। लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव वाले जोशी भाजपा के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने संगठन से लेकर केंद्र सरकार तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। कर्नाटक से आने वाले प्रह्लाद जोशी पिछले दो दशक से लगातार लोकसभा सांसद हैं और मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं।
प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर (तत्कालीन बीजापुर) में हुआ था। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे। शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल से हुई जबकि हाई स्कूल की शिक्षा हुब्बल्ली के न्यू इंग्लिश स्कूल में पूरी की। इसके बाद उन्होंने श्री कादसिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुब्बल्ली से कला स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की। राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले वे उद्योग से भी जुड़े रहे।
कम उम्र में ही प्रह्लाद जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। संघ के प्रशिक्षण शिविरों में सक्रिय भागीदारी के दौरान उनकी संगठनात्मक क्षमता विकसित हुई। 1990 के दशक में हुब्बल्ली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने को लेकर चले आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही। इस आंदोलन ने उन्हें कर्नाटक ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई। इसके अलावा 'सेव कश्मीर मूवमेंट' में उनकी भागीदारी ने भी उन्हें भाजपा और संघ परिवार के प्रमुख नेताओं में शामिल किया।
प्रह्लाद जोशी ने भाजपा संगठन में जिला स्तर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। वर्ष 1998 में वे भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष और महासचिव बने। इसके बाद संगठन में लगातार उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। वर्ष 2012 में जब कर्नाटक भाजपा आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही थी, तब पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने 2016 तक इस पद पर रहते हुए संगठन को मजबूत करने का काम किया।
लोकसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार 2004 में धारवाड़ सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी लगातार जीत हासिल की। लगातार पांच बार सांसद चुने जाने के कारण वे कर्नाटक भाजपा के सबसे अनुभवी संसदीय चेहरों में शामिल हैं।
साल 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान प्रह्लाद जोशी को संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उन्होंने संसद में सरकार के विधायी कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाई। वहीं, कोयला मंत्रालय में उनके कार्यकाल के दौरान कमर्शियल कोल माइनिंग जैसे कई अहम फैसले लिए गए।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी के सामने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। परीक्षा प्रणाली में सुधार, उच्च शिक्षा से जुड़े फैसले और शिक्षा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की निगरानी अब उनके नेतृत्व में होगी। लंबे संगठनात्मक अनुभव, संसदीय कार्यों की समझ और केंद्र सरकार में कई मंत्रालयों का अनुभव उन्हें सरकार के अनुभवी नेताओं में शामिल करता है।