
Pramod Tiwari on Bankipur Bypoll Results: बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार और मध्य प्रदेश के उपचुनाव परिणाम बीजेपी सरकारों की हार हैं और यह पार्टी के राजनीतिक पतन की शुरुआत है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में पूरी सरकारी मशीनरी और अपनी पूरी ताकत झोंक दी लेकिन इसके बावजूद उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "यह BJP के साम्राज्य के अंत की शुरुआत है। इसकी गूंज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के चुनावों में भी सुनाई देगी।"
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जनता ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और पेलेट फायरिंग का जवाब वोट के जरिए दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान का चढ़ावा चुराने वालों को जनता ने सजा दी है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और आने वाले चुनावों में पार्टी को और हार का सामना करना पड़ेगा।
तीनों विधानसभा उपचुनावों के नतीजों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि पार्टी जनता के जनादेश का सम्मान करती है। उन्होंने गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा को मिली जीत के लिए वहां की जनता का आभार जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को बधाई दी।
साथ ही नितिन नबीन ने स्वीकार किया कि बांकीपुर और दतिया विधानसभा सीटों पर भाजपा को अपेक्षित जनादेश नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी इन दोनों सीटों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेगी और नई ऊर्जा व संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनका विश्वास और मजबूत करने का प्रयास करेगी।
उधर, बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर सीपीआई (CPI) सांसद पी. संतोष कुमार ने भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर बिहार का एक अलग तरह का विधानसभा क्षेत्र है जहां बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थान और छात्रावास हैं। उनके मुताबिक, यह सीट लंबे समय तक बीजेपी का गढ़ रही लेकिन हाल के छात्र आंदोलनों के बाद पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर का जनादेश बीजेपी के लिए एक चेतावनी की तरह है और पार्टी को इससे सबक लेना चाहिए।
पी. संतोष कुमार ने कहा कि वह यह दावा नहीं कर रहे कि चुनाव परिणाम सिर्फ प्रशांत किशोर की वजह से आया है। उनके अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), वामपंथी संगठनों और अन्य सामाजिक समूहों की सक्रियता का भी चुनाव पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर का परिणाम इस बात का संकेत है कि छात्र आंदोलन और जनता से जुड़े मुद्दे अब चुनावी राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका राजनीतिक आकलन है।