
Prashant Kishor on Bihar Flood: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़ संकट को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बीजेपी नेताओं के वेतन दान करने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के जरिए अपनी सार्वजनिक छवि सुधारने की कोशिश करने के बजाय, भाजपा को अपने 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड से मदद देनी चाहिए। उन्होंने बिहार के बाढ़ पीड़ितों की हालत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
बिहार में बाढ़ राहत के लिए बीजेपी नेताओं और मंत्रियों द्वारा वेतन दान करने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "मुझे खुशी है कि ऐसा किया गया। कुछ दिन पहले ही मैंने कहा था कि किसी त्रासदी के दौरान जनता के पैसे से राहत कार्य करके किसी को अपना चेहरा चमकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि नितिन नवीन भाजपा नेतृत्व का हिस्सा हैं, इसलिए भाजपा के पास जो 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का पार्टी फंड है, उसमें से बाढ़ पीड़ितों के लिए ठोस आर्थिक मदद जारी की जानी चाहिए।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता आर्थिक मदद से भी ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा, "पैसे से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए कम से कम सहानुभूति के कुछ शब्द कहें, क्योंकि बिहार में करोड़ों लोग उनके भाषणों और चेहरे पर वोट देते हैं।"
प्रशांत किशोर ने कहा कि अमित शाह को बाढ़ पीड़ितों के लिए बोलना चाहिए। आखिरकार उन्होंने नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि अगर बिहार की जनता बीजेपी को वोट देगी, तो राज्य की बाढ़ की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी।
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव की तैयारियों के बारे में प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी की रणनीति पहले से ही तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज द्वारा समर्थित MLC उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा रविवार सुबह 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।
JDU विधायक अनंत सिंह और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है। राजनीतिक दल के भीतर क्या हो रहा है, इस पर वे ही बात कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जदयू या किसी और राजनीतिक पार्टी के आंतरिक मामलों में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
वहीं, अनंत सिंह द्वारा अनुज सिंह को समर्थन देने की बात पर उन्होंने कहा कि अनुज सिंह पहले से ही जन सुराज से जुड़े हैं और पार्टी से नवादा के प्रत्याशी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह क्या रुख अपनाते हैं, यह जन सुराज का विषय नहीं है। पार्टी का विषय यह है कि वह किसे अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाती है।