
Bankipur By Election: जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार को बदलने का BJP का फैसला लोकतंत्र की ताकत को दिखाता है, क्योंकि उस इलाके के लोग जाति और धर्म-आधारित राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं। जो बांकीपुर उपचुनाव से चुनावी मैदान में उतरने वाले भाजपा के नेता मैदान छोड़कर भाग गए। जिस इलाके को कल तक BJP का गढ़ कहा जा रहा था, वहां अब उन्हें उम्मीदवार ढूंढने में भी मुश्किल हो रही है।
उन्होंने कहा कि BJP ने जनता के समर्थन को गलत समझा और जोर देकर कहा कि लोग सरकार के कामकाज से नाखुश हैं।उन्होंने कहा, नवंबर 2025 में लोगों को धोखा दिया गया। बदलाव के नारे लगाए गए, लेकिन जीतने के बाद कोई काम नहीं हुआ। लोगों की परेशानियां ही बढ़ी हैं। राशन कार्ड से नाम हटा दिए गए हैं, छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं मिल रहा है, गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं और मॉनसून शुरू होने के बाद भी नालियों की सफाई नहीं हुई है।
किशोर ने आगे दावा किया कि BJP की पिछली चुनावी सफलता सत्ताधारी पार्टी के समर्थन के बजाय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के डर से वोट करने वाले मतदाताओं की वजह से मिली थी। उन्होने कहा, वह समर्थन इसलिए था क्योंकि लोग लालू प्रसाद यादव के डर से उन्हें वोट दे रहे थे। अब जब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है, तो BJP को लग रहा है कि उनके पैरों तले जमीन खिसक रही है।
उनकी यह टिप्पणी तब आई जब BJP ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार सिन्हा की जगह नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया। अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव से नाम वापस ले लिया था।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए अभिषेक ने कहा, पारिवारिक कारणों से, मैं विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ने में असमर्थ हूं। मैं एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर निष्ठापूर्वक सेवा करता रहूंगा। बिहार बीजेपी अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र को पढ़कर सुनाते हुए उन्होंने कहा, मैंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को एक पत्र सौंपा है, जिसे मैं अब आपके सामने पढ़कर सुना रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए NDA उम्मीदवार के तौर पर चुना था। इसके लिए मैं केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा की, जिनमें बांकीपुर, दतिया और मंझलपुर की हाई-प्रोफाइल सीटें शामिल हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई तय है और नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई होगी। उम्मीदवार अपना नाम 16 जुलाई तक वापस ले सकेंगे। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की 3 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी।