
बांकीपुर से भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार
Bankipur Seat: बांकीपुर सीट पर बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदलकर उपचुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को पार्टी के पहले उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया।
बीजेपी के इस फैसले पर जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा, "अब तक बीजेपी के डर से लोग चुनाव मैदान छोड़ते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब बांकीपुर की जनता के डर से बीजेपी को प्रत्याशी बदलना पड़ा है।" वहीं, वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार का मानना है कि उम्मीदवार बदलने के फैसले से बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है। उनके अनुसार, अब चुनाव में यह भी एक बड़ा मुद्दा रहेगा कि आखिर पार्टी को अपना घोषित उम्मीदवार बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के पूर्व प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा के पिता रविंद्र सिन्हा का नाम चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सामने आने के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया। उस मामले में लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के साथ रविंद्र सिन्हा पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। सूत्रों का कहना है कि इस जानकारी के सामने आने के बाद बीजेपी ने आशंका जताई कि विपक्ष, खासकर प्रशांत किशोर और राजद, इसे चुनावी मुद्दा बना सकते हैं। इसी वजह से पार्टी ने समय रहते अपना उम्मीदवार बदलने का फैसला किया।
दस्तावेजों के अनुसार, बीजेपी के पूर्व प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा के पिता रविन्द्र प्रसाद का नाम चारा घोटाला मामले में एक निजी सप्लायर के रूप में दर्ज था। वह पटना स्थित एम/एस मगध केमिकल कॉर्पोरेशन में मैनेजर थे। उपलब्ध न्यायिक दस्तावेजों के मुताबिक, रविन्द्र प्रसाद उन निजी सप्लायरों में शामिल थे, जिन पर वास्तविक आपूर्ति किए बिना फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि प्राप्त करने का आरोप सिद्ध हुआ था। इसी मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था।
वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अभिषेक सिन्हा के नामांकन पत्र के साथ जमा की गई शैक्षणिक प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां पाई गई थीं। सूत्रों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में उनका नामांकन रद्द होने की संभावना भी थी। हालांकि, इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से चर्चा में है, जिसे लेकर विभिन्न तरह के दावे किए जा रहे हैं।
बीजेपी द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले के बाद सामने आए घटनाक्रम को प्रशांत किशोर और उनकी टीम चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, जन सुराज की रणनीति इस पूरे मामले को चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाने की है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी कुछ अन्य मामलों और नामों को सामने लाकर बीजेपी पर राजनीतिक हमला तेज कर सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने प्रशांत किशोर को न केवल बीजेपी, बल्कि आरजेडी पर भी निशाना साधने का अवसर दे दिया है। माना जा रहा है कि वह अपने चुनाव प्रचार में यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि बीजेपी और आरजेडी में कोई बुनियादी अंतर नहीं है और दोनों को एक ही राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बताएंगे। इसके जरिए वे लालू प्रसाद के विरोधी मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।
Updated on:
11 Jul 2026 07:47 am
Published on:
11 Jul 2026 07:27 am
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