राष्ट्रीय

नितिन नबीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, PK ने बताया स्पेशल प्लान!

Bankipur Assembly Seat Elections: पिछले साल बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सूरज पार्टी (जेएसपी) को एक भी सीट नहीं थी। अब वे बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में बड़ा धमाका करने की उम्मीद कर रहे हैं।
2 min read
May 25, 2026
prashant kishor on voters of bjp in bihar
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर

PK Masterstroke: पिछले साल संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को करार हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि सभी सीटों पर कुल मिलाकर उसे 3 प्रतिशत वोट शेयर हासिल हुआ था। अब पीके बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में बड़ा धमाका कर सकते है। बता दें कि यह सीट भारतीय जनता पार्टी के नितिन नबीन के राज्यसभा में चुने जाने के बाद खाली हुई है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए ​दिल्ली चले गए हैं।

बांकीपुर सीट पर उपचुनाव लड़ेगी जन सुराज पार्टी

बिहार की राजधानी पटना में मीडिया से बात करते हुए किशोर ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2025 में मिली बड़ी जीत के बाद सत्ताधारी एनडीए के पहले साल पर मतदान होगा। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी ने सैद्धांतिक रूप से बांकीपुर सीट पर उपचुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। यह उपचुनाव तब तक होगा जब तक एनडीए (भाजपा, जेडीयू और सहयोगी) सत्ता में सात से आठ महीने पूरे कर लिए है।

50 हजार वोटों से जीते थे नितिन नबीन

भाजपा अध्यक्ष बने नबीन ने बांकीपुर में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आरजेडी को 50,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद नबीन ने पिछले महीने यह सीट छोड़ दी थी। छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है।

उदय सिंह के साथ मतभेद की अफवाहों को किया खारिज

किशोर ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया कि क्या वह उस उपचुनाव में जेएसपी के बांकीपुर उम्मीदवार हो सकते हैं। उन्होंने जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के साथ मतभेद की अफवाहों को भी खारिज कर दिया, जिनका घर उन्होंने हाल ही में खाली कर दिया था। पटना के बाहरी इलाके में एक आश्रम में चले गए थे और जिन्होंने तब से सक्रिय राजनीति से एक साल का विराम लेने की घोषणा की है।

बीजेपी का गढ़ रहा है बांकीपुर

बांकीपुर दशकों से भाजपा का गढ़ रहा है और नवीन ने 2006 में अपने पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की मृत्यु के कारण हुए उपचुनाव में इस सीट से अपना पदार्पण किया था। उन्होंने पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में लगातार पांचवीं बार इस सीट को बरकरार रखा।

बीजेपी को हरा सकती है सिर्फ जन सुराज पार्टी

बांकीपुर में भाजपा को सिर्फ जन सुराज पार्टी ही हरा सकती है। किशोर ने कहा, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाद में उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस सहित अपनी फर्म आई-पीएसी के कई सदस्यों के साथ काम करने के बाद राजनीति में कदम रखा। हालांकि वे कहते हैं कि उन्होंने आई-पीएसी छोड़ दिया है। किशोर ने हाल ही में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात की, जिनकी एनसीपी पश्चिमी राज्य में भाजपा की सहयोगी है।

क्या पीके खुद उतरेंगे मैदान में

बांकीपुर के बारे में किशोर ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस दोनों ही इस सीट पर भारी अंतर से हार रही हैं। हमारी पाटी का मानना है कि हमें बस एक मजबूत उम्मीदवार उतारने की जरूरत है। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह उम्मीदवार हो सकते हैं, तो जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा, यह पार्टी को तय करना है। उन्होंने विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। पीके ने कहा कि मैंने तब चुनाव नहीं लड़ा था क्योंकि पार्टी को लगा कि मुझे संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। मैं पार्टी के सामूहिक निर्णय का पालन करता रहूंगा।

Updated on:
25 May 2026 05:42 pm
Published on:
25 May 2026 05:38 pm