12 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

New Voter Rules: नई वोटर आईडी बनवाने के नियम बदले, अब देनी होगी माता-पिता की जरुरी जानकारी

Election Commission: चुनाव आयोग ने नई वोटर आईडी के ऑनलाइन पंजीकरण नियमों में बदलाव किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले आवेदकों को माता-पिता की SIR से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Ankit Sai

Jul 12, 2026

New Voter Rules

ई वोटर आईडी बनवाने के नियम बदले

New Voter Registration Rules: पहली बार वोटर आईडी बनवाने वाले लोगों के लिए चुनाव आयोग ने नियमों में बदलाव किया है। अब नए मतदाताओं की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरने वाले हर आवेदक को अपने माता-पिता की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह जानकारी दिए बिना ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा। चुनाव आयोग का कहना है कि इससे नए मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने में आसानी होगी और कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की जरूरत भी कम पड़ेगी।

ऑनलाइन आवेदन में बड़ा बदलाव

पहली बार वोटर आईडी बनवाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले हर नए आवेदक को अपने माता-पिता की SIR से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होगा। यदि यह जानकारी ऑनलाइन आवेदन के दौरान नहीं दी जाती है तो आवेदन आगे नहीं बढ़ पाएगा।

चुनाव आयोग का कहना है कि इस बदलाव से नए मतदाताओं की पहचान का सत्यापन आसान बनाना और कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत कम करना है।

जानिए क्या-क्या देना होगा विवरण

नए नियमों के तहत यदि आवेदक के माता-पिता पहले हुई SIR प्रक्रिया में शामिल रहे हैं तो उनकी विधानसभा सीट, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक की जानकारी भरनी होगी। अगर माता-पिता एसआईआर प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे हैं तो आवेदन में इसका विकल्प चुनना होगा। इसके साथ उनके नाम और उपलब्ध होने पर उनका ईपीआईसी (वोटर आईडी) नंबर दर्ज करना होगा। यह जानकारी दिए बिना ऑनलाइन आवेदन पूरा नहीं होगा।

चुनाव आयोग ने क्यों किया बदलाव

चुनाव आयोग का कहना है कि नए नियम से मतदाताओं की पहचान की पुष्टि करना आसान होगा। इससे कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की जरूरत भी कम होगी। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि SIR का उद्देश्य योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना और मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या विदेशी नागरिकों के नाम हटाना है।

नए वोटरों पर क्या पड़ेगा असर

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन युवाओं पर पड़ेगा जो 18 साल की आयु पूरी करने के बाद पहली बार वोटर आईडी के लिए आवेदन करेंगे। अब उन्हें अपने माता-पिता के पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी जुटानी होगी। हालांकि जिन आवेदकों के पास यह जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, उनके आवेदन की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी, इसे लेकर चुनाव आयोग ने अभी कोई अलग या स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए हैं।