
पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह (सोर्स: ANI)
Shashank Singh Cook Assault Allegations: पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह ने अपने कुक द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। साथ ही दावा किया कि उनके खिलाफ पूरी साजिश रची गई थी। शशांक का कहना है कि कुक का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पैसे ऐंठने के इरादे से उनके घर आया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में उनसे लाखों रुपये की मांग की गई थी।
शशांक सिंह ने बताया कि कुक विपेंद्र सिंह तोमर उनके यहां केवल एक महीने के लिए काम करने आया था। यह उसका तीसरा ही दिन था। इसी दौरान विवाद सामने आया। शशांक के मुताबिक, उन्होंने बाद में ग्राम पंचायत और स्थानीय पुलिस के जरिए उसका बैकग्राउंड चेक कराया। जांच में पता चला कि साल 2018 से उसके खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में हत्या की कोशिश, डकैती और घर में जबरन घुसने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शशांक ने यह भी कहा कि इनमें से चार मामलों में उसे दोषी भी ठहराया जा चुका है।
उनका कहना है कि इसके बाद उन्हें समझ आ गया कि पूरा मामला पहले से प्लान किया गया था। उनका आरोप है कि कुक ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह एक पब्लिक फिगर हैं और उसे लगा कि मामला आसानी से पैसों में सुलझ जाएगा।
शशांक ने कहा कि कुछ दिनों बाद उन्हें फोन आए। फोन करने वालों ने एफआईआर वापस लेने के बदले 7 से 7.5 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, इसलिए पैसे देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी माना कि उनकी एक गलती जरूर थी। उन्होंने किसी रजिस्टर्ड एजेंसी की बजाय सीधे व्यक्ति को काम पर रख लिया था।
शशांक सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने 1 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर से दो चांदी की गणेश मूर्तियां और अन्य कीमती सामान भी गायब हो गया था।
उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूत भी सौंपे। हालांकि उनका दावा है कि अब तक जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। शशांक ने कहा कि यह मामला और गंभीर हो सकता था। उनके बुजुर्ग माता-पिता अक्सर घर पर अकेले रहते हैं। अच्छी बात यह रही कि घटना के समय वह खुद घर पर मौजूद थे।
वहीं दूसरी तरफ कुक विपेंद्र सिंह तोमर ने शशांक सिंह, उनके पिता शैलेश सिंह और परिवार के ड्राइवर पर मारपीट, धमकी और जबरन घर में रोकने के आरोप लगाए हैं। तोमर की शिकायत के आधार पर भोपाल के रातीबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें 15 हजार रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर काम पर रखा गया था।
तोमर का आरोप है कि खाना पसंद न आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई। जब उन्होंने नौकरी छोड़ने की बात कही तो उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, खुद को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने एक कमरे में बंद कर लिया था। इसके बाद आरोप है कि कमरे में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। मेडिकल जांच में उनके शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Updated on:
12 Jul 2026 09:16 pm
Published on:
12 Jul 2026 09:16 pm
