
बिहार में बांकीपुर उपचुनाव के बाद जनसुराज के प्रशांत किशोर और भाजपा के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दरअसल, प्रशांत किशोर ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी को लेकर कुछ तीखे शब्द कहे थे।
इस पर भाजपा के तमाम नेता उनके बचाव में आ गए हैं। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने जवाब देते हुए पूछा कि भरत तिवारी के परिवार से मिलना क्या कोई अपराध है? मनोज तिवारी बिहार के बेटे और सांसद हैं। परिवार को न्याय दिलाना उनकी जिम्मेदारी है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रशांत किशोर इससे क्यों परेशान हो रहे हैं। उनकी अभद्र भाषा उनकी छवि के लिए ठीक नहीं है। किसी को धमकाने या गाली-गलौज करने की बात उनसे अपेक्षित नहीं है।
बता दें कि प्रशांत किशोर ने खुलकर कहा था कि मनोज तिवारी अच्छे इंसान नहीं हैं। वह किसी के बेटे की मौत पर राजनीति करने वाले शख्स हैं। प्रशांत ने मनोज तिवारी को चुनौती देते हुए कहा- अगर वह भारत तिवारी के परिवार को इंसाफ नहीं दिलाएंगे तो बिहार की जनता उन्हें राज्य में घुसने नहीं देगी।
रामकृपाल यादव ने साफ शब्दों में यह भी कहा कि प्रशांत किशोर चुनाव जीतने के बाद झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रशांत किशोर खुद कह चुके थे कि वे बांकीपुर को बेंगलुरु बना देंगे। अब उनका रुख बदलता दिख रहा है।
रामकृपाल यादव ने कहा- मैंने उनके बयान खुद देखे हैं। जरूरत पड़े तो वीडियो भी भेज सकता हूं। जनता को धोखा देने की कोशिश अभी से शुरू हो गई है। जो वादे किए थे, उसका जवाब देना ही पड़ेगा। रामकृपाल ने प्रशांत किशोर को अच्छा इंसान और बुद्धिजीवी माना, लेकिन गलत बयान देने से परहेज करने की सलाह भी दी।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के अपमान को लेकर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रशांत किशोर की भाषा में अहंकार आने की बात कही।
उन्होंने बताया कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर को राजद का भी काफी वोट मिला। सम्राट चौधरी की भूमिका पर सवाल उठाने के जवाब में सरावगी ने कहा कि उपचुनाव में हार की गहन समीक्षा की जाएगी। भाजपा और एनडीए के पास बिहार सरकार में दो तिहाई बहुमत है।