अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर संसद का जवाब शेयर करते हुए डॉ. शशि थरूर ने कहा कि सरकार की सुस्ती उसके उदासीन रवैये को दिखाती है। शशि थरूर ने कहा कि सिर्फ प्रशासनिक सलाह या एडवाइजरी जारी करने से नागरिकों को कानूनी अधिकार नहीं मिलते। ठोस कानूनी सुधारों के बिना, LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों को घर किराए पर लेने, नौकरी, हेल्थकेयर, विरासत के अधिकार, संयुक्त वित्तीय लाभ या इमरजेंसी के समय मेडिकल फैसले लेने के मामले में समानता की गारंटी नहीं दी जा सकती।