
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी शर्त (Photo-IANS)
Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा लगातार हंगामा करने के कारण सदन स्थगित हो रहा है। बुधवार को भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में स्थगित कर दी। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने को लेकर चर्चा हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में कांग्रेस के सहयोग की अपील की। बताया जा रहा है कि मोदी सरकार मौजूदा सत्र में परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को दोबारा सदन में लाना चाहती है। सरकार ने इन विधेयकों पर कांग्रेस का सहयोग मांगा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोपों और 20 जुलाई को राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा नहीं होती, तब तक सदन में कोई कामकाज नहीं हो सकता।
इस दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में बयान देने की मांग भी दोहराई। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का फैसला गृह मंत्री नहीं, बल्कि संबंधित मजिस्ट्रेट करता है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन बैठकों में संसद में जारी गतिरोध और विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
दरअसल, विपक्ष के लगातार विरोध के कारण सरकार की परिसीमन विधेयक को मौजूदा सत्र में पारित कराने की योजना पर भी असर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना से हुए दलबदल के बाद सदन में बदले नए समीकरणों को देखते हुए सरकार को इस विधेयक को पारित कराने की उम्मीद थी।
Updated on:
05 Aug 2026 02:32 pm
Published on:
05 Aug 2026 02:27 pm
