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‘हमें देशभक्ति का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए’, प्रियांक खरगे ने RSS, BJP और ABVP पर साधा निशाना

Priyank Kharge Statement on Vande Mataram: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने ‘वंदे मातरम्’ विवाद को लेकर BJP, RSS और ABVP पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।
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Aug 17, 2026
Priyank Kharge attacks BJP, RSS and ABVP over vande mataram
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे (फोटो सोर्स: ANI)

Priyank Kharge hits out at RSS, BJP, ABVP: स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा की तरफ से सवाल उठाए जाने के बाद अब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने पलटवार किया है। भाजपा, ABVP और RSS पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी देशभक्ति का प्रमाण उन संगठनों से लेने की जरूरत नहीं है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा, 'चाहे BJP युवा मोर्चा हो, ABVP हो या RSS, हमें इनसे राष्ट्रवादी या राष्ट्रविरोधी होने का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। ये वही लोग हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में कुछ नहीं किया। उनके राजनीतिक मार्गदर्शकों ने 52 वर्षों तक तिरंगा तक नहीं फहराया।'

उन्होंने कहा, 'BJP सिर्फ इन चीजों को हथियार बनाने में रुचि रखती है—राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान। वे हर चीज को हथियार बनाना चाहते हैं। वे जितने मामले दर्ज करना चाहें, कर सकते हैं। हमें इन लोगों से देशभक्ति का कोई प्रमाणपत्र नहीं चाहिए।'

प्रियांक खरगे की यह टिप्पणी स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर उठे विवाद के बीच सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद आई है। उन्होंने अपने साथी मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया द्वारा RSS को लेकर की गई तीखी टिप्पणी का भी समर्थन किया।

UGC-NET की तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने पर भी घेरा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की जून 2026 की UGC-NET परीक्षा रद्द कर दी है। इसको लेकर प्रियांक खरगे ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तो प्रह्लाद जोशी कहां हैं? ये वही लोग हैं, जिन्होंने इतने महीनों तक धर्मेंद्र प्रधान को हटने नहीं दिया। देशभर में लाखों छात्रों को विरोध करना पड़ा। फिर बहुत अनिच्छा से, कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी ताकतों को एकजुट होने से रोकने के हित में, उन्होंने इस्तीफा दिया, बच्चों के भविष्य के लिए नहीं।'

उन्होंने आगे कहा, 'फिर उन्होंने एक को हटाकर दूसरे को ला दिया। उसी समय मैंने आपसे कहा था कि यह नई बोतल में पुरानी शराब है। कुछ नहीं होने वाला। जोशी भी प्रधान की तरह ही अक्षम हैं। यह तथ्य है।'

Updated on:
17 Aug 2026 12:41 pm
Published on:
17 Aug 2026 12:41 pm